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मनाई उज्जैयिनी, देवी-देवताओं को लगाया चुरमा बाटी का भोग, भूत-भूतनियों प्रेत आत्माओं, इंद्रदेव को प्रसन्न हेतु हवन में दी आहुतियां

Neemuch headlines July 26, 2026, 6:20 pm Technology

चीताखेडा। अंचल में झमाझम बारिश हेतु इन्द्र देव को प्रसन्न करने हेतु चुरमा बाटी बनाकर देवी-देवताओं और घर-परिवार के पूर्वजों को लगाया भोग। पशुओं में महामारी रोकथाम, प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा, देश एवं अंचल की सुख-समृद्धि की कामनाओं को लेकर रविवार को चीताखेडा ग्रामवासियों द्वारा खेडादेवत पूजा कर उज्जैयिनी मनाई जाएगी।

भरपूर बारिश के लिए बजरंग मंदिर, सीतलामाता मंदिर में भैंसासरी, इंद्रदेव और भूत-भूतनियों व प्रेत आत्माओं को प्रसन्न करने हेतु हेतु हवन में आहुतियां दी गई. उल्लेखनीय है कि वर्तमान में बारीक हल्की-फुल्की फुहारों के कारण बाड़े एवं घरों में ग्रामवासियों द्वारा चुरमा, दाल-बाटी व्यंजन बनाकर खेड़ा देवी देवता एवं ईष्ट व (कुल) परिवार के (पूर्वजों) देवताओं को भोग लगाकर सभी अपने अपने ईष्ट देवी देवताओं का सुमिरन किया। अंचल में वैसे बरसात तो हो गई है परन्तु वर्तमान में खरीफ सीजन की फसलों की उम्र बाल्यावस्था में है। जिससे पैदावारी प्रभावित न हों। इस समय झमाझम बारिश की शक्त आवश्यकता है। बारिश के मौसम के प्रारंभ में झमाझम बरसात हुई है पर उसके बाद रिमझिम हल्की-फुल्की बारिश ही चल रही है जो वर्तमान में फिलहाल बहुत ही कम है, अभी कुएं, नदी, तालाब खाली पड़े हुए हैं। रविवार को क्षेत्र में प्रर्याप्त एवं झमाझम बारिश, देश में अमन चैन, गांव की सुख-समृद्धि, पशुओं में महामारी से बचाव हेतु गांव से बाहर पशुओं को निकालकर टोटका किया गया।

गांव में विराजमान देवी देवताओं के पुजारियों द्वारा शनिवार-रविवार की रात्रि को मंदिरों में रात्रि जागरण कर हवन पूजन किया। तथा रविवार को अल सुबह 4 बजे से ही बस स्टैंड पर पशुओं की महामारी बीमारी से सुरक्षा हेतु सुरक्षा बंधन वार बांधकर मंदिरों में हवन पूजन से अभिमंत्रित जल से पशुओं पर नीम की पत्तियों से छिडकाव कर टोटका किया। गांव के खेड़ा देवी-देवताओं के मंदिरों में हवन पूजन कर सिंदूर, पन्नी पाटा का चोला चढ़ाकर उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास किया और गांव हेमाडा पर महामारी रोकथाम हेतु सुरक्षा (कार) लगाई गई। तोजी वसूली पटेल गोपाल माली, पुजारी ग्वाला नाथूलाल (बंजारा) दायमा, कैलाश पेंटर, कन्हैयालाल माली, हुकमीचंद जावरिया, मोहनलाल मीणा, मंगल जावरिया, मांगीलाल जटिया, बंशीलाल प्रजापत, मांगीलाल माली, जमनालाल मेघवाल, संतोष सोनी सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भैंसासरी माता जी के दरबार में प्रातः 10 बजे अदृश्य आत्माओं, भूत-भूतनियों व प्रेतों को तथा दोपहर में पंडित टेकचंद शर्मा द्वारा विधि-विधान पूर्वक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माता जी एवं शाम को बजरंग मंदिर पर इंद्रदेव हवन पूजन कर प्रसन्न करने का भरसक प्रयास किया गया।

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