नीमच। बुधवार को भड़ली नवमी के शुभ अवसर पर स्थानीय परशुराम महादेव मंदिर, चौरडिया हॉस्पिटल के पीछे, नीमच पर पहली बार विद्वान ब्राह्मणों के द्वारा विवाह योग लड़कों के शीघ्र विवाह के लिए सामूहिक अर्क विवाह धार्मिक अनुष्ठान (पूजन) का भव्य आयोजन किया गया।
इस अनुठे आयोजन में नीमच जिले सहित मध्यप्रदेश एवं राजस्थान के कई शहरों के लगभग 31 युवक एवं उनके परिवारजन शामिल हुए। पूजन का कार्यक्रम प्रातः 10:30 बजे से प्रारंभ हुआ, जो शाम तक चला। जिसमें विद्वान पंडितो द्वारा विधि विधान से मंत्रोचार के साथ सामूहिक अर्क विवाह धार्मिक पूजन का आयोजन संपन्न कराया गया। आयोजन समिति के प्रमुख एवं आचार्य पंडित लक्ष्मण शास्त्री एवं पंडित जय प्रकाश शास्त्री ने बताया कि शास्त्र अनुसार अर्क विवाह एक प्राचीन धार्मिक वैदिक अनुष्ठान है, जिसमें पुरुष (लड़के) का विवाह आंकड़े (अर्क) के पेड़ से निम्न दोषो के निवारण के लिए किया जाता है। जिसमें यदि विवाह योग में विलंब हो रहा हो या विवाह योग बनते बनते बिगड़ रहा हो, जन्म कुंडली में विवाह स्थान में पाप ग्रह बैठा हो या पाप ग्रह की दृष्टि हो, जन्म कुंडली में मांगलिक दोष अधिक प्रबल हो, मांगलिक दोष की शांति के बाद भी विवाह योग नहीं बन पा रहा हो, जन्म कुंडली में विवाह या रिश्ता टूटने के योग बनते हो, जन्म कुंडली में दि विवाह के योग या शादी के बाद कलह के योग बनते हो उपरोक्त सभी दोषो से मुक्ति अर्क विवाह करवाने के बाद मिल जाती है तथा विवाह योग भी शीघ्र बन जाता है।
इसी उद्देश्य से शहर में पहली बार ऐसा आयोजन किया गया, जिसमें अच्छी खासी संख्या में विवाह योग्य युवक शामिल हुए और उनके परिजनों ने पूरे उत्साह के साथ विधि विधान से विवाह की यह प्रक्रिया संपन्न की। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि कर्म कांडीय विप्र पुजारी परिषद जिला नीमच के अध्यक्ष एवं ज्योतिषाचार्य पंडित मालचंदजी शर्मा उपस्थित हुए, जिन्होंने अर्क विवाह विषय पर अपने विचार व्यक्त किये, उन्होंने कहां की यह एक प्राचीन और कारगर पद्धति है। अर्क विवाह करने से युवक के सभी दोष समाप्त हो जाते हैं और शीघ्र ही विवाह के योग्य बनने लगते हैं। कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति द्वारा मुख्य अतिथि पंडित मालचंदजी शर्मा का शाल, श्रीफल से स्वागत अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर आयोजन समिति के सदस्य पंडित जयप्रकाश शास्त्री, पंडित राम अवतार शर्मा, पंडित लक्ष्मण शास्त्री, पंडित गौरव पारीक, पंडित शिव शर्मा, पंडित भविष्य बैरागी, पंडित आशीष बैरागी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में पंडित लक्ष्मण शास्त्री ने आभार माना।