नीमच । प्रदेशव्यापी "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में गुरुवार को सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा रेडक्रॉस नशा मुक्ति केंद्र, नीमच द्वारा सब जेल जावद में बंदियों के बीच नशामुक्ति जनजागरूकता एवं परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
परिचर्चा में बंदियों को नशे के दुष्प्रभावों, उससे होने वाली सामाजिक, मानसिक एवं शारीरिक हानियों तथा नशामुक्त जीवन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच के माध्यम से नशे की लत पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। साथ ही यह भी समझाया गया कि नशामुक्त होकर व्यक्ति समाज में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकता है तथा एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में नई शुरुआत कर सकता है। कार्यक्रम में बंदियों को अपराध और नशे के दुष्चक्र से बाहर निकलकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 तथा मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना देने हेतु राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 'मानस-1933' की जानकारी भी प्रदान की गई
तथा इनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। कार्यक्रम में रेडक्रॉस नशा मुक्ति केंद्र के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुनील तिवारी, मनोवैज्ञानिक जीवन तिवारी, ए.ए. ग्रुप के सदस्य, सब जेल जावद का स्टाफ तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।