Latest News

प्रधानमंत्री आवास की आस में नगर परिषद के चक्कर काटने को मजबूर महिलाएं, जिम्मेदारों की अनुपस्थिति से बढ़ी परेशानी

अनिल लक्षकार July 15, 2026, 3:06 pm Technology

सरवानिया महाराज। प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है,

लेकिन नगर परिषद सरवानिया महाराज में योजना शुरू हुए कई वर्ष बीत जाने के बाद भी अनेक पात्र परिवार आज तक अपने आशियाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लगातार आवेदन और नगर परिषद के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन मिल रहा है, जबकि योजना का लाभ अब तक नहीं मिल सका है। नगर के कई गरीब एवं मजदूर परिवार ऐसे हैं, जिनके पास स्वयं का पक्का मकान नहीं है। कई परिवार किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं, जबकि कुछ लोगों के पास निजी भूमि होने के बावजूद आवास निर्माण के लिए योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। ऐसे में योजना के क्रियान्वयन को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। मंगलवार को कुछ महिलाएं अपने प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन की स्थिति जानने नगर परिषद कार्यालय पहुंचीं।

महिलाओं का कहना है कि वे कई महीनों से लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उन्हें आज तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। हर बार अलग-अलग कारण बताकर उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। महिलाओं ने बताया कि जब भी वे आवेदन की जानकारी लेने पहुंचती हैं, तो कभी कहा जाता है कि सीएमओ कार्यालय में नहीं हैं, तो कभी यह कहकर टाल दिया जाता है कि आवास योजना से संबंधित कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं। कई बार उन्हें दो-चार दिन बाद आने की सलाह देकर लौटा दिया जाता है। उनका कहना है कि नगर परिषद में ऐसा कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी उपलब्ध नहीं रहता, जो उनकी समस्या सुनकर संतोषजनक जवाब दे सके। महिलाओं का आरोप है कि बार-बार कार्यालय आने में उनका समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। इससे योजना का लाभ मिलने की उम्मीद भी लगातार कमजोर होती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिला प्रशासन नगर परिषद क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों का निष्पक्ष एवं वास्तविक सर्वे कराए, तो कई तथ्य सामने आ सकते हैं। उनका मानना है कि जांच में यह भी स्पष्ट हो सकता है कि कहीं अपात्र लोगों को योजना का लाभ तो नहीं मिला, जबकि वास्तविक पात्र परिवार वर्षों से इंतजार कर रहे हैं। नगरवासियों ने जिला कलेक्टर से मांग की है

कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए। साथ ही नगर परिषद कार्यालय में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे योजना से संबंधित जानकारी लेने आने वाले लोगों को बार-बार भटकना न पड़े। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और वर्षों से आवास की आस लगाए बैठे जरूरतमंद परिवारों को कब तक राहत मिल पाती है।

Related Post