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सिंगोली में फर्जी क्लिनिक का कहर: 10 मिनट में बिगड़ी तबीयत, भीलवाड़ा में तोड़ा दम

प्रदीप जैन July 13, 2026, 8:37 am Technology

सिंगोली/नीमच। सिंगोली क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे क्लिनिक की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। यहां बुखार का इलाज कराने आए 14 वर्षीय बालक की गलत इलाज के कारण मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने अवैध क्लिनिक को तुरंत बंद करने और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। *क्या हुआ था पूरा मामला* परिजनों द्वारा दिए गए ज्ञापन और शिकायत के अनुसार, दिनांक *08 जुलाई 2026* को करीब 3 बजे तहसील सिंगोली के ग्राम *माता का खेड़ा* निवासी *अंसार पिता सय्यद उम्र 14 वर्ष* को बुखार आया था। परिजन उसे इलाज के लिए सिंगोली में स्थित *श्री धाकड़ क्लिनिक* ले गए। इस क्लिनिक का संचालन *विनोद धाकड़, निवासी ग्राम सोडीजर* द्वारा किया जा रहा है।

आरोप है कि क्लिनिक संचालक ने बच्चे को बिना जांच के सीधे एक बोतल चढ़ाकर बेड पर लिटा दिया। बोतल लगने के 5 से 10 मिनट बाद ही बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद संचालक बच्चे को आगे ले जाओ व रेफर करने की बात कहकर बिना कोई ट्रीटमेंट की जानकारी दिए क्लिनिक से निकल गया। परिजन आनन-फानन में बच्चे को *भीलवाड़ा* के एक चिकित्सालय ले गए। वहां डॉक्टरों ने बच्चे को दिए गए ट्रीटमेंट की जानकारी मांगी। इस दौरान परिजनों ने कई बार क्लिनिक संचालक डॉ. विनोद धाकड़ को फोन लगाया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। समय पर किए गये ट्रिटमेंट की सही जानकारी नहीं मिलने और गलत इलाज के कारण बच्चे की इलाज के दौरान ही मौत हो गई। *ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग* घटना के बाद *11/07/26* को परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर बताया कि डॉ. विनोद धाकड़ द्वारा गलत बोतल और गलत इंजेक्शन लगाने से ही उनके बच्चे की मौत हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई अवैध क्लिनिक धड़ल्ले से चल रहे हैं, जहां बिना डिग्री के लोग मरीजों का इलाज कर रहे हैं।

उन्होंने मांग की है कि *श्री धाकड़ क्लिनिक* को तुरंत सील किया जाए और आरोपी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और बच्चे की जान न जाए। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहा है।

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