नीमच। अंचल के साहित्य प्रेमियों के लिए नीमच में एक अभिनव पहल की गई है। पुस्तकों को पढ़ने के शौकीन और नई पीढ़ी को पुस्तकों, साहित्य से जोड़ने के लिए रीडर्स क्लब की शुरुआत की गई है। मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति भोपाल के बैनर तले नीमच के सुधी पाठकों व साहित्य प्रेमियों द्वारा रीडर्स क्लब का गठन कर प्रतिष्ठित साहित्यकारों, उपन्यासकारों व कहानीकारों की कालजयी कृतियों का पाठन कर प्रति पखवाड़ा एक पुस्तक की समीक्षा की जाएगी।
इस अनूठी पहल का शुभारंभ साहित्य प्रेमियों की मौजूदगी में लेखिका एवं शिक्षाविद डॉ श्रीमती माधुरी चौरसिया के निवास पर एक गरिमामयी कार्यक्रम में किया गया। इस क्रम में पहली समीक्षा श्रीमती शिवानी जोशी द्वारा प्रसिद्ध साहित्यकार धर्मवीर भारती की कालजयी रचना प्रसिद्ध उपन्यास गुनाहों के देवता की प्रस्तुत की गई। संस्थापक सदस्य श्रीमती डॉ. प्रेरणा ठाकरे ने क्लब के उद्देश्य व भावी रूप रेखा पर प्रकाश डाला। और कालजयी रचना की खूबियों पर विमर्श किया. कार्यक्रम में ज्ञानोदय इंस्टीट्यूट की चेयरमैन श्रीमती माधुरी चौरसिया, मालवांचल के प्रसिद्ध कवि पत्रकार धर्मेंद्र शर्मा, अंग्रेजी के विद्वान आचार्य आर पी शर्मा, सुश्री शैलजा जोशी, मनोरंजन बुक स्टॉल के प्रोपराइटर जयराम जिज्ञासी आदि ने उपन्यास की समीक्षा में अपने अपने दृष्टिकोण, महत्वपूर्ण संदेश, इसकी प्रासंगिकता व वर्तमान समय में समाज के मूल्यों व व्यवस्था में तेजी से आ रहे बदलाव के संदर्भ में उपन्यास की व्याख्या की। साथ ही साहित्य प्रेमियों के लिए की गई इस अभिनव पहल पर विस्तार से विमर्श कर व्यापक रूपरेखा तैयार की। आगामी दिनों में प्रत्येक पखवाड़े में रीडर्स क्लब का किसी एक पुस्तक पर समीक्षा विमर्श का सतत आयोजन किया जाएगा।
कोई भी साहित्य प्रेमी इस पहल का हिस्सा बन सकेंगे।