चीताखेड़ा । चुनाव आयोग पर पक्षपात और तानाशाही का आरोप लगाकर लोकतंत्र की रक्षा करने उतरी जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती की उपस्थिति में कांग्रेस का जमीनी दम बुधवार को एक बार फिर हवा होता दिखाई दिया। राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के खिलाफ प्रदेशव्यापी आक्रोश का दावा करने वाली कांग्रेस के इस प्रदर्शन में बमुश्किल दो से तीन दर्जन कार्यकर्ता ही नजर आए। ब्लॉक कांग्रेस जीरन के बैनर तले बड़े-बड़े दावों के साथ शुरू हुआ यह जुलूस पूरी तरह नीरस और बेअसर साबित हुआ, चुपके से पुतला फूंकने की थी तैयारी, पुलिस ने फेरा पानी। कांग्रेस कार्यकर्ता गणपति मंदिर चौराहा (नीमच रोड) पर एकत्रित हुए थे। यहाँ से कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जुलूस निकाला। तथाकथित आक्रोशित कांग्रेसी मुख्य मार्ग से होते हुए जीरन बस स्टैंड पहुंचे, जहाँ रणनीति के तहत कुछ कार्यकर्ता चुपके से चुनाव आयोग का जलता हुआ पुतला लेकर आगे बढ़ने लगे। हालांकि, वहां पहले से ही मुस्तैद पुलिस बल ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। मौके पर एक्शन थाना प्रभारी उमेश यादव ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए कार्यकर्ताओं के हाथ से जलता हुआ पुतला छीनने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस ने पहले से तैनात फायर ब्रिगेड (दमकल) की मदद से पानी की तेज बौछारें मारकर पुतले की आग को चंद सेकंड में बुझा दिया। दावों में दम नहीं, तीखे भाषणों से निकाली भड़ास - पुतला दहन करने में नाकाम रहे कांग्रेसी नेताओं ने इसके बाद बस स्टैंड पर खड़े होकर भाषणों के जरिए अपनी भड़ास निकाली। नेताओं ने चुनाव आयोग को सत्ता का दलाल बताते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया। हालांकि इन तीखे शब्दों में जमीनी ताकत से ज्यादा संगठनात्मक कमजोरी और मायूसी साफ झलक रही थी। कार्यकर्ताओं के इस टोटके जैसे टोटे के आगे यह प्रदर्शन आम जनता के बीच कोई खास असर छोड़ने में पूरी तरह नाकाम रहा।