भोपाल। फोरम में आयोजित विभिन्न सत्रों में व्यापार एवं निवेश अवसरों, विनिर्माण क्षेत्र और सेवा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा होगी। Google पर MP Breaking को चुनें भारत-LAC व्यापार एवं निवेश फोरम आज, सीएम मोहन यादव करेंगे बैठक का शुभारंभ, 15 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश के इन्दौर में शनिवार 6 जून 2026 को भारत लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन (एलएसी) व्यापार एवं निवेश फोरम-2026 का शुभारंभ करेंगे। फोरम में लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन क्षेत्र के 15 देशों के राजदूत, राजनयिक प्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और निवेशक शामिल होंगे। यह आयोजन ग्लोबल इंडिया बिज़नेस फोरम द्वारा मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत और एलएसी देशों के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को मजबूत करना और सहयोग के नए अवसरों को बढ़ावा देना है। फोरम से फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, पर्यटन और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग एवं निवेश की संभावनाओं को बल मिलेगा। इससे मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान मिलेगी। कार्यक्रम में ग्रुलैक के प्रमुख का विशेष उद्बोधन होगा और भारत-एलएसी व्यापार एवं निवेश सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष मंच का शुभारंभ किया जाएगा। विभिन्न देशों के राजनयिक प्रतिनिधि अपने-अपने देशों में उपलब्ध निवेश और व्यापारिक संभावनाओं की जानकारी भी साझा करेंगे। कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु फोरम में आयोजित विभिन्न सत्रों में व्यापार एवं निवेश अवसरों, विनिर्माण क्षेत्र और सेवा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा होगी। विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े सत्र में फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सेवा क्षेत्र के सत्र में सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, फिनटेक और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा। कार्यक्रम में निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के बीच बी2बी एवं बी2जी बैठकें भी आयोजित होंगी। फोरम के माध्यम से राज्य में उपलब्ध निवेश-अनुकूल वातावरण, विकसित औद्योगिक अधोसंरचना और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं को वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। यह आयोजन मध्यप्रदेश और एलएसी देशों के बीच व्यापारिक संपर्क बढ़ाने, नए निवेश आकर्षित करने और उद्योगों के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच के अवसर सृजित करने में सहायक होगा।