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महिला कर्मयोगियों को मिला तोहफा, CM मोहन यादव ने फ्री में बांटी ई-साइकिलें, बोले- वैश्विक संकट में EV सबसे अच्छा विकल्प

Neemuch headlines May 26, 2026, 7:17 pm Technology

भोपाल। सीएम डॉ मोहन यादव ने उज्जैन में महिला कर्मयोगियों को निःशुल्क ई-साइकिलें वितरित की। उन्हें शुभकामनाएं भी दीं। जल गंगा संरक्षण महाभियान और भोजनशाला फैसले को लेकर भी बयान दिया है। महिला कर्मयोगियों को मिला तोहफा, CM मोहन यादव ने फ्री में बांटी ई-साइकिलें, बोले- वैश्विक संकट में EV सबसे अच्छा विकल्प मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने 26 मई को उज्जैन में महिला कर्मयोगियों के बीच नि:शुल्क ई-साइकिलें वितरित की।

जिसमें आशा, एनएएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं शामिल हैं। सीएसआर फंड के जरिए उज्जैन जिला प्रशासन द्वारा 40 ई-साइकिलें उपलब्ध कराई गई। यह कदम वैश्विक संकट के बीच महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को गति देने के लिए संकल्पित है। प्रदेश की सभी माताएं-बहनें अपने जीवन में सुख-समृद्धि, आनंद और वैभव प्राप्त करें। दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल से दाम बढ़ रहे हैं। आज महिला कर्मयोगी बहनों को नि:शुल्क मिलीं ई-साइकिलें उन्हें शक्ति प्रदान करेंगी।” जल गंगा संरक्षण महाभियान को लेकर सीएम ने कही ये बात सीएम ने बताया कि राज्य सरकार जल संवर्धन की दिशा में लगातार तीसरे वर्ष विकास कार्यों को गति दे रही है। जल गंगा संरक्षण महाभियान के जरिए गुड़ी पड़वा से लेकर 30 जून तक लगभग 10 हजार करोड़ से अधिक लागत के लगभग 2 लाख से अधिक कार्य किए जा रहे हैं। इनमें नदी, तालाब, पोखर, कुएं, बावड़ियों के जीर्णोद्धार के कार्य किए जा रहे हैं।

प्रमुख नदियों के उद्गम स्थलों पर जल संरक्षण के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जल संरक्षण के कार्यों के लिए मध्यप्रदेश को देश में प्रथम स्थान मिला है। जिसका श्रेय मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों के परिश्रम को दिया। भोजशाला के फैसले को लेकर क्या कहा? मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि, “धार स्थित भोजशाला में गंगा दशहरा उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मामले में आए हाई कोर्ट के फैसले का हिंदू-मुस्लिम सहित सभी वर्ग के लोगों ने सम्मान किया है। पहले अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण और वर्तमान दौर में धार की भोजशाला को लेकर हमारे मतों में भिन्नता हो सकती है, लेकिन न्यायालय का मत सर्वोपरि होता है। राज्य सरकार न्यायालय के निर्णय को सफलतापूर्वक लागू करा रही है।”

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