स्वच्छता अभियान की उड़ रही है धज्जियां, रतनगढ़ में सफाई व्यवस्था हुई पूरी तरह से ठप्प, बढा बिमारियों का खतरा, कलेक्टर से गुहार के बाद भी कर्मचारियों की सुध नहीं
ठेकेदार के आदमी' बताकर वर्षों की सेवा का अपमान, वेतन के लिए दर-दर भटक रहे है सफाई कर्मी
रतनगढ़। नगर परिषद रतनगढ़ के सफाई कर्मचारियों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया है। पिछले छह महीनों से वेतन न मिलने और लगातार हो रहे शोषण के विरोध में सफाई कर्मचारियों ने सोमवार से शुरू की गई अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को आज तीसरे दिन भी जारी रखा है। इस हड़ताल के चलते पूरे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। *6 माह का वेतन बकाया,अंधेरे में रहने को मजबूर कर्मचारी* हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि वेतन न मिलने से उनके सामने रोजी- रोटी का संकट खड़ा हो गया है।स्थिति इतनी गंभीर है।कि कर्मचारी बिजली का बिल भरने में भी असमर्थ हैं।बिजली कंपनी द्वारा कनेक्शन काट दिए जाने के कारण कई परिवार पिछले 15 दिनों से अंधेरे में रहने और मोमबत्ती या मोबाइल की रोशनी में खाना बनाने को मजबूर हैं। बच्चों की स्कूल फीस और घर का राशन जुटाना भी अब उनके लिए नामुमकिन सा हो गया है। *ठेकेदार के आदमी बताकर वर्षों की सेवा का अपमान* प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि जो लोग पिछले 5-6 वर्षों से लगातार नगर की सेवा कर रहे हैं, उन्हें अब नगर परिषद प्रशासन द्वारा 'ठेकेदार के आदमी' कहकर अपमानित किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि क्या वर्षों तक शहर की गंदगी साफ करने का यही इनाम है कि उन्हें बिना किसी सुरक्षा के दरकिनार कर दिया जाए? *कलेक्टर के पास भी लगाई गुहार, प्रशासन की चुप्पी से गहराया आक्रोश* कर्मचारियों ने बताया कि वे अपनी पीड़ा लेकर जिला कलेक्टर नीमच की जनसुनवाई में भी जा चुके हैं, लेकिन वहां से भी उन्हें सिर्फ निराशा ही हाथ लगी है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल या समाधान की बात न होने से कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। *शहर में गंदगी का अंबार, बीमारियों का खतरा* हड़ताल के कारण नगर की मुख्य सड़कों, गलियों और बाजारों में कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। यदि जल्द ही इस मामले का समाधान नहीं निकाला गया, तो नगर में संक्रामक बीमारियों के फैलने का बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। *चेतावनी: जब तक मांगें पूरी नहीं, जारी रहेगा संघर्ष* सफाई कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि वे अब पीछे हटने वाले नहीं हैं।उनकी मांगें स्पष्ट हैं:लंबित वेतन का अविलंब भुगतान किया जाए।उनकी सेवा सुरक्षा (Job Security) सुनिश्चित की जाए।कर्मचारियों ने कहा कि जब तक प्रशासन उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं देता और बकाया भुगतान सुनिश्चित नहीं होता, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। यदि प्रशासन ने अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद और जिला प्रशासन की होगी।