अंग्रेजी तारीख 14 मई 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक। द्वादशी तिथि प्रातः 11 बजकर 20 मिनट तक उपरांत त्रयोदशी तिथि का आरंभ। रेवती नक्षत्र रात्रि 10 बजकर 34 मिनट तक उपरांत अश्विनी नक्षत्र का आरंभ। प्रीति योग सायं 05 बजकर 53 मिनट तक उपरांत आयुष्मान योग का आरंभ। तैतिल करण प्रातः 11 बजकर 20 मिनट तक उपरांत गरज करण का आरंभ। चंद्रमा रात्रि 10 बजकर 34 मिनट तक मीन राशि पर उपरांत मेष राशि पर संचार करेगा।
महत्वपूर्ण विवरण:-
तिथि: कृष्ण द्वादशी – प्रातः 11:20 बजे तक,
फिर त्रयोदशी योग प्रीति – सायं 05:53 बजे तक,
फिर आयुष्मान करण तैतिल – प्रातः 11:20 बजे तक
करण गरज – रात्रि 10:00 बजे तक सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय प्रातः 05:31 बजे
सूर्यास्त का समय सायं 07:04 बजे
चंद्रोदय का समय प्रातः 04:00 बजे (15 मई) चंद्रास्त का समय सायं 04:23 बजे
आज के व्रत त्योहार गुरु प्रदोष व्रत।
आज का शुभ मुहूर्त 14 मई 2026 :
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक।
अमृत काल रात्रि 08 बजकर 20 मिनट से रात्रि 09 बजकर 49 मिनट तक।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 01 मिनट से 4 बजकर 46 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त 14 मई 2026 :दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक
राहुकाल रहेगा। सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक
गुलिक काल रहेगा।
सुबह 06:00 से 07:30 बजे तक यमगंड रहेगा।
आज का नक्षत्र आज चंद्रदेव रेवती नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। रेवती नक्षत्र: रात्रि 10:34 बजे तक स्थान: 16°40’ मीन राशि से 30° मीन राशि तक नक्षत्र स्वामी: बुधदेव राशि स्वामी: बृहस्पतिदेव देवता: पूषा (पोषण करने वाले देवता) प्रतीक: मछली सामान्य विशेषताएं: इस नक्षत्र में जन्मे लोग अंतर्ज्ञानी, चतुर और ईमानदार होते हैं। ये स्वभाव से साहसी, आकर्षक और आशावादी होते हैं। शिक्षित और सदाचारी होने के साथ-साथ इनका व्यक्तित्व सुंदर और समृद्ध होता है। गुरु प्रदोष व्रत 2026 त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 14 मई, सुबह 11:20 बजे त्रयोदशी तिथि समाप्त: 15 मई, सुबह 08:31 बजे प्रदोष पूजा मुहूर्त: शाम 07:04 से रात 09:09 बजे जब त्रयोदशी तिथि गुरुवार को आती है, तो उसे गुरु प्रदोष कहते हैं। यह पावन दिन महादेव की कृपा और देवगुरु बृहस्पति के आशीर्वाद का महासंगम है। यह व्रत जातक को आध्यात्मिक ज्ञान, उत्तम शिक्षा और संतान सुख की प्राप्ति कराता है। विशेष रूप से आज शिव आराधना करने से भाग्य का साथ मिलता है। आज का उपाय: आज महादेव का अभिषेक करें और उन्हें बेलपत्र अर्पित करें। गुरुवार का दिन होने के कारण चने की दाल और पीले वस्त्रों का दान करना सुख-शांति और कार्यों के सफल संचालन के लिए उत्तम रहता है।