अंग्रेजी तारीख 03 मई 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल सायं 04:30 से 06:00 बजे तक। द्वितीया तिथि रात्रि 03 बजकर 01 मिनट (04 मई) तक उपरांत तृतीया तिथि का आरंभ। विशाखा नक्षत्र प्रातः 07 बजकर 10 मिनट तक उपरांत अनुराधा नक्षत्र का आरंभ। वरीयान योग रात्रि 10 बजकर 28 मिनट तक उपरांत परिघ योग का आरंभ। तैतिल करण दोपहर 01 बजकर 54 मिनट तक उपरांत गरज करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात वृश्चिक राशि पर संचार करेगा। महत्वपूर्ण विवरण तिथि कृष्ण द्वितीया – रात्रि 03:01 बजे (04 मई) तक, फिर तृतीया योग वरीयान – रात्रि 10:28 बजे तक, फिर परिघ करण तैतिल – दोपहर 01:54 बजे तक करण गरज – रात्रि 03:01 बजे (04 मई) तक सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय प्रातः 05:39 बजे
सूर्यास्त का समय सायं 06:57 बजे चंद्रोदय का समय रात्रि 08:47 बजे
चंद्रास्त का समय प्रातः 06:10 बजे आज के व्रत त्योहार कोई मुख्य नहीं।
आज का शुभ मुहूर्त 03 मई 2026
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक
अमृत काल रात्रि 10 बजकर 21 मिनट से 12 बजकर 08 मिनट (04 मई) तक
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 10 मिनट से 4 बजकर 54 मिनट तक
आज का अशुभ मुहूर्त 03 मई 2026 राहुकाल सायं 04:30 से 06:00 बजे तक गुलिक काल दोपहर 03:30 से 04:30 बजे तक यमगंड दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक आज का नक्षत्र आज चंद्रदेव विशाखा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
विशाखा नक्षत्र: प्रातः 07:10 बजे तक नक्षत्र स्वामी: बृहस्पतिदेव राशि स्वामी: शुक्रदेव और मंगलदेव देवता: इंद्राग्नि (इंद्र और अग्नि का संयुक्त रूप) प्रतीक: विजय द्वार या कुम्हार का चाक सामान्य विशेषताएं: महत्वाकांक्षी, धैर्यवान, साहसी, बुद्धिमान, न्यायप्रिय और मजबूत इच्छाशक्ति वाले।
आज का उपाय :-
आज सूर्य देव को जल अर्पित करें और गायत्री मंत्र का जाप करें। रविवार के दिन तांबे की वस्तु का दान करना जीवन के सही संचालन में आत्मविश्वास और सफलता प्रदान करता है।