चीताखेड़ा। अंचल में भीषण गर्मी का कहर जारी है। सूरज के प्रचंड तेवर से अंचल के कई इलाके तप रहे हैं, मानों आसमान से आग बरस रही हो, जिससे जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। रविवार को सुबह से ही लोगों का घरों से कम ही निकालना हुआ। भीषण गर्मी का असर ज्यादातर पौधों पर पड़ रहा है, वहीं दोपहर बाद बेजुबान पक्षी भी आसमान में विचरण करते दिखाई देना बंद हो गए हैं, अपनी जान बचा कर ठंडी नमी वाली जगह ढूंढते दिखाई दे रहे हैं। दोपहर बाद सड़कों एवं बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। रविवार को अल सुबह से ही सूर्य देव ने रूद्र रूप धारण कर लिया है, भीषण गर्मी से पंखों ने हीटर का ले लिया, ठंडी हवा के बजाय गर्म हवा उगलनी शुरू कर दी। रात में भी न्यूनतम तापमान 32 डिग्री तक पहुंचा। कुलर- पंखों ने भी खोया धेर्य ठंडी के बजाय गर्म हवाएं दे रहे हैं। इन दिनों गर्मी के तल्ख तेवर, तेवर देखने को मिल रहे हैं। नर सेवा नारायण सेवा समिति के वरिष्ठ दिनेश गुर्जर ने बताया है कि धर्मग्रंथों में भी जीवों पर दया को ही सबसे बड़ा धर्म बताया गया है। भीषण गर्मी से बेजुबान जानवरों एवं पक्षियों के लिए पानी का इंतजाम हर व्यक्ति करें। भीषण गर्मी को देखते हुए प्रत्येक परिवार को अपने घर -मकान की छतों पर बेजुबान पक्षियों के लिए दाना -पानी की प्रतिदिन व्यवस्था कर पूण्य लाभ लें,तथा घरों के बाहर पशुओं के लिए पानी की छोटी टंकी भी रखी जा सकती है,जिन्हें पीने के लिए पानी मिल सके। रविवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। गर्मी सिर्फ बेचैनी नहीं,अब यह जानलेवा आपदा बनती दिख रही है। ऐसे में स्वास्थ्य संबंधित डॉक्टर मुकेश गुर्जर तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चीताखेड़ा में एएनएम तरुणा कनिक के द्वारा अब लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है, आम लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अगर जरूरी हो तभी घर से बाहर निकले। *सिर ढंककर निकले*- डॉ जितेन्द्र नायक ने समझाईस देते हुए बताया कि अगर घर के बाहर निकले तो डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पानी अधिक पिए। इसके अलावा ठंडी चीजों ओआरएस, नींबू -पानी, छांछ का सेवन ज्यादा करें और सिर को ढक कर एवं हल्के सूती कपड़े पहनकर रखें। डॉ विक्रम परमार ने बताया कि लू की वजह से गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है। खाली पेट और बिना पानी पिए बाहर न निकलें, बच्चों या बुजुर्गों को बंद वाहन में न छोड़ें,चाय -काफी,शराब से बचें। डॉक्टर सुदर्शन शुक्ल ने बताया कि बुखार,शरीर में सूजन, अचानक बेहोशी,तेज थकान, चक्कर, उल्टी, मांसपेशियों में खिंचाव, बहुत अधिक पसीना,शरीर का तापमान 40 डिग्री पार,दौरे या बेहोशी। अगर ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत नजदीकी चिकित्सालय डॉक्टर को दिखाएं।