मंदसौर । मध्यप्रदेश शासन पर्यावरण विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा 1981 की धारा 19 (5) के तहत गेंहू/धान अवशेषों को खेतों मे ही जलाये जाने पर प्रतिबंधित किया गया है। जो भी व्यक्ति/संस्था यदि ऐसा करते पाए जाते है तो उसे माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशानुसार पर्यावरण मुआवजा अदा करना होगा। अनुविभागीय अधिकारी द्वारा सीतामऊ क्षेत्र के 16 किसानों से गेहूं फसल की खेतों में नरवाई/ पराली जलाने पर 42 हजार 500 रुपए का अर्थ दंड वसूल किया गया।
इनमें ग्राम कायमपुर के जगदीश एवं घनश्याम, ग्राम ढंढेडा के अनुपसिंह, ग्राम रामखेड़ा के प्रहलाद एवं शांतिलाल, ग्राम साखतली के अम्बालाल, ग्राम खजूरीगौड़ के विजयसिंह, ग्राम कराड़िया के पुष्कर, विष्णु एवं भवानीसिंह , ग्राम धाकड़ पिपलिया की भगवंतीबाई, ग्राम खेड़ी के खुमानसिंह एवं सोभागसिंह, ग्राम अरनियागोड़ के विक्रमसिंह, ग्राम लखुपिपलिया के अमरसिंह तथा ग्राम मुण्डला की कृष्णाबाई शामिल हैं, जिन पर 2500-2500 रुपए का अर्थदंड लगाया गया।
ग्राम साखतली के अम्बालाल पर 5 हजार का अर्थदंड लगाया गया। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें।