भोपाल। MP की बेटी क्रांति गौड़ को टाटा मोटर्स का खास होली गिफ्ट, विश्वकप स्टार के घर पहुंची नई चमचमाती कार मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के छोटे से कस्बे घुवारा की गलियां उस वक्त खुशी से भर उठीं, जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उभरती सितारा खिलाड़ी क्रांति गौड़ के घर एक नई चमचमाती कार पहुंची।
यह कोई साधारण पल नहीं था, बल्कि मेहनत, संघर्ष और सपनों की जीत का जश्न था। विश्वकप में दमदार प्रदर्शन करने वाली क्रांति गौड़ को देश की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स ने सम्मान स्वरूप नई टाटा कार भेंट की है। जैसे ही कार उनके घर के आंगन में पहुंची, पूरा इलाका ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी की रोशनी से गूंज उठा। यह तोहफा सिर्फ एक गाड़ी नहीं, बल्कि उस विश्वास का प्रतीक है जो देश अपने खिलाड़ियों पर करता है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ओर से खेलते हुए क्रांति गौड़ ने हाल ही में हुए महिला विश्वकप में शानदार खेल दिखाया। मैदान पर उनका आत्मविश्वास, अनुशासन और जुझारूपन साफ नजर आया। हर मैच में उन्होंने टीम को मजबूती दी और मुश्किल समय में जिम्मेदारी संभाली। उनके इसी प्रदर्शन को देखते हुए टाटा मोटर्स ने महिला टीम के खिलाड़ियों को सम्मान स्वरूप नई कार भेंट करने का फैसला लिया। क्रांति गौड़ भी इस सम्मान की हकदार बनीं। कंपनी की ओर से दी गई यह नई टाटा कार आधुनिक फीचर्स और आकर्षक डिजाइन से लैस है। क्रांति गौड़ के लिए यह पल इसलिए भी खास है, क्योंकि यह उनकी मेहनत का प्रत्यक्ष परिणाम है। छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने यह कर दिखाया।
घुवारा में जश्न का माहौल जैसे ही नई कार घुवारा स्थित उनके घर पहुंची, परिवार और पड़ोसियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ढोल-नगाड़े बजे, मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने आतिशबाजी कर इस पल को यादगार बना दिया। क्रांति गौड़ के माता-पिता की आंखों में गर्व साफ दिखाई दे रहा था। परिवार ने कहा कि यह सम्मान उनकी बेटी की कड़ी मेहनत और समर्पण का फल है। उन्होंने बचपन से ही क्रिकेट को अपना लक्ष्य बनाया और हर दिन अभ्यास में समय दिया। घुवारा के बच्चों के लिए यह दिन खास बन गया। वे अपनी इस बेटी को रोल मॉडल मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि क्रांति गौड़ ने यह साबित कर दिया कि छोटे कस्बों की बेटियां भी बड़े मंच पर चमक सकती हैं। मध्य प्रदेश से राष्ट्रीय मंच तक का सफर क्रांति गौड़ का सफर आसान नहीं रहा। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से निकलकर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचना संघर्ष और समर्पण की कहानी है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने खेल को निखारा और लगातार मेहनत की। मध्य प्रदेश से कई प्रतिभाएं क्रिकेट में सामने आई हैं, लेकिन महिला क्रिकेट में इस तरह की पहचान बनाना बड़ी उपलब्धि है।
क्रांति गौड़ का नाम अब सिर्फ घुवारा या बड़ामलहरा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश में सम्मान के साथ लिया जा रहा है।