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आज फाल्गुन कृष्ण द्वादशी तिथि, जानें राहुकाल का समय और शुभ मुहूर्त

Neemuch headlines February 14, 2026, 8:20 am Technology

महत्वपूर्ण तिथि:

कृष्ण द्वादशी – सायं 04:01 बजे तक योग: सिद्धि – रात्रि 03:18 बजे तक (15 फरवरी) करण: तैतिल – सायं 04:01 बजे तक करण: गरज – रात्रि 04:37 बजे तक (15 फरवरी) सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय:

प्रातः 07:00 बजे

सूर्यास्त का समय:

सायं 06:10 बजे चंद्रोदय का समय: प्रातः 05:36 बजे (15 फरवरी) चंद्रास्त का समय: दोपहर 03:08 बजे समस्त नव ग्रहों की की राशियां (प्रात: 06: 00 बजे) सूर्य देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।

चन्द्र देव: धनु राशि में स्थित हैं। मंगल देव: मकर राशि में स्थित हैं। बुध देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।

गुरु बृहस्पति: मिथुन राशि में स्थित हैं। शुक्र देव: कुंभ राशि में स्थित हैं। शनि देव: मीन राशि में स्थित हैं। राहु: कुंभ राशि में स्थित हैं। केतु: सिंह राशि में स्थित हैं।

आज के शुभ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त:-

दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक अमृत काल: दोपहर 01:03 बजे से 02:47 बजे तक

आज के अशुभ समय राहुकाल:-

प्रातः 09:48 बजे से 11:12 बजे तक गुलिकाल: प्रातः 07:00 बजे से 08:24 बजे तक यमगण्ड: दोपहर 01:59 बजे से सायं 03:23 बजे तक

आज का नक्षत्र आज चंद्रदेव पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र: सायं 06:16 बजे तक सामान्य विशेषताएं: लोकप्रिय, धार्मिक, आध्यात्मिक, साहसी, हंसमुख, बुद्धिमान, सलाहकार, दयालु, उदार, वफादार मित्र, खतरनाक शत्रु, लंबा कद, यात्रा प्रिय और विलासिता नक्षत्र स्वामी: शुक्रदेव राशि स्वामी: बृहस्पतिदेव देवता: अपस (ब्रह्मांडीय महासागर) प्रतीक: हाथी का दांत और पंखा आज शनि प्रदोष व्रत है शनि प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर है।

जब त्रयोदशी तिथि शनिवार को पड़ती है, तो इसे शनि प्रदोष कहा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से शनि दोष, साढ़े साती और ढैया के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए किया जाता है। भक्त इस दिन निराहार रहकर शाम को प्रदोष काल में शिव जी का विधि-विधान से पूजन करते हैं।

मान्यता है कि इस दिन महादेव का अभिषेक करने से दीर्घायु और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही शनि देव को प्रसन्न करने के लिए पीपल के नीचे दीपक जलाना शुभ होता है। यह व्रत संकटों से मुक्ति देता है।

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