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जिले में निर्यात बढ़ाने के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी

Neemuch headlines February 12, 2026, 5:29 pm Technology

मंदसौर । कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक सुशासन भवन स्थित सभागार में आयोजित की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत अनुकूल जैन, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक श्री रायकवार, डीजीएफटी के अधिकारी, उद्योगपति एवं निर्यातक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान डीजीएफटी अधिकारियों द्वारा निर्यात से संबंधित पंजीयन, लाइसेंस, निर्यात योग्य देशों की जानकारी, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म एवं अन्य प्रक्रियाओं पर विस्तृत जानकारी पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी गई। बताया गया कि फॉरेन ट्रेड से संबंधित अधिकांश प्रक्रियाएं ऑनलाइन संचालित होती हैं। “इंडिया ट्रेड कनेक्ट” पोर्टल के माध्यम से बायर्स एवं सेलर्स की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकती है। साथ ही निर्यातकों को उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं, एमएसएमई सपोर्ट स्कीम, गवर्नमेंट प्रमोशन स्कीम एवं ई-कॉमर्स गाइडबुक की जानकारी भी प्रदान की गई। अधिकारियों ने बताया कि डीजीएफटी की वेबसाइट पर ई-कॉमर्स से संबंधित विस्तृत पुस्तक उपलब्ध है, जहां निर्यात संबंधी समस्त जानकारी प्राप्त की जा सकती है। कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने कहा कि बैठक का उद्देश्य जिले में निर्यात के प्रति जागरूकता एवं प्रोत्साहन बढ़ाना है। उन्होंने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि जिले के सभी निर्यातकों का एक व्हाट्सएप समूह बनाया जाए, जिससे सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि निर्यातकों को हर प्रकार की सुविधा एवं सहयोग प्रदान किया जाएगा। उद्योग विभाग को डीजीएफटी के साथ समन्वय कर निर्यात प्रोत्साहन हेतु विशेष कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश भी दिए, ताकि अधिक से अधिक किसान एवं व्यापारी निर्यात गतिविधियों से जुड़ सकें। बैठक में एमएसएमई विभाग, विदेश व्यापार महानिदेशालय एवं नाबार्ड द्वारा संचालित निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया। जिले की निर्यात इकाइयों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों पर चर्चा की गई। साथ ही वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक जिले के निर्यात विश्लेषण एवं निर्यातित वस्तुओं की समीक्षा की गई। एमएसएमई विकास नीति 2025 में निर्यात प्रोत्साहन हेतु प्रमुख प्रावधान नई औद्योगिक इकाइयों को संयंत्र एवं मशीनरी तथा भवन मद में पात्र निवेश का 40% उद्योग विकास अनुदान के रूप में चार समान वार्षिक किस्तों में प्रदान किया जाएगा। महिला उद्यमियों को प्रतिवर्ष 2% अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। कुल वार्षिक विक्रय का 25% से अधिक एवं अधिकतम 50% तक निर्यात करने वाली इकाइयों को चार वर्षों तक 2% अतिरिक्त उद्योग विकास अनुदान दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय निर्यात हेतु आवश्यक विशिष्ट गुणवत्ता प्रमाणीकरण पर किए गए व्यय का 50% (अधिकतम ₹50 लाख) प्रतिपूर्ति के रूप में प्रदान किया जाएगा। निर्यातक इकाइयों को औद्योगिक परिसर से गेटवे पोर्ट या अंतर्राष्ट्रीय कार्गो सुविधा तक उत्पाद भेजने हेतु अंतर्देशीय परिवहन व्यय का 50% (अधिकतम ₹40 लाख प्रति वर्ष) पांच वर्षों तक प्रदान किया जाएगा।

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