ग्रामीणों ने ग्राम सभा में टेक्सटाइल फैक्ट्री की भूमि निरस्त करने सहित चार बिंदु रखें जिसे सर्वसहमति से पारित किए गए
मोरवन। आज बुधवार मोरवन में ऐतिहासिक ग्राम सभा का आयोजन सम्पन्न हुआ ग्राम सभा को देखते हुए ग्रामीणों खास कर युवाओं में काफी उत्साह देखा गया साथ ही दुकानदार भी अपनी दुकानें बंद कर ग्राम सभा में सम्मिलित हुए। ग्राम सभा को लेकर ग्रामीणों में ऐसा उत्साह पहली बार देखा गया । मोरवन में चाय नाश्ता सब्जी सहित किराना आदि दुकानें सभी तरह से दोपहर तक बंद रही ग्राम सभा समाप्त होने के बाद दुकानदारों ने अपनी अपनी दुकानें खोली। सुबह 11 बजे सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण ग्राम सभा स्थल सामुदायिक भवन पहुंचे जहां उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव व सरपंच के सामने ग्रामीणों ने चार बिंदु रखें जिसने टेक्सटाइल फैक्ट्री को आवंटित की गई शासकीय भूमि को निरस्त किया जाए,शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 977/4 को गौचर भूमि में परिवर्तन किया जाए,बिना ग्राम सभा की स्वीकृति के शासकीय भूमि को उपयोग के लिए आवंटित नहीं की जाए व बिना ग्राम सभा और ग्रामीणों की अनुमति के मोरवन बांध का पानी आवंटित नहीं किया जाए। ग्राम सचिव रामप्रसाद परमार ने एक-एक बिंदु को पढ़कर ग्राम सभा में ग्रामीणों के समक्ष रखा है जहां ग्रामीणों ने एक-एक बिंदु पर हाथ खड़ा कर अपनी सहमति प्रदान कर ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित किए गए। ग्राम सभा पंजीयन रजिस्टर में 800 से अधिक महिला पुरुष सहित ग्रामीणों ने अपने हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ग्राम सभा को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट रहा सुबह 10:00 बजे सरवानिया चौकी प्रभारी निलेश सोलंकी डीकेन चौकी प्रभारी अपने बल के साथ मौजूद रहे सुरक्षा की दृष्टि को देखते हुए जावद थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा भी ग्राम सभा स्थल पहुंचकर मौकामायना किया।विदित हे की मोरवन में डलने जा रही टेक्सटाइल फैक्ट्री के विरोध में ग्रामीण हे जिन्होंने पहले भी कहीं आंदोलन कर शासन प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जताई है। आज भी ग्रामीणों द्वारा फैक्ट्री के विरोध में ही ऐतिहासिक ग्राम सभा संपन्न हो पाई है अभी फिलहाल फैक्ट्री का मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है माननीय न्यायालय द्वारा अभी फैक्ट्री निर्माण पर रोक लगा रखी है।