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श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा में उमड़े श्रद्धालु भक्त, परिश्रम पुरुषार्थ के कर्म बिना आत्मा का कल्याण नहीं होता-गुरुदेव सरकार

Neemuch headlines January 5, 2026, 6:10 pm Technology

नीमच ।कर्म परिश्रम के बिना जीवन में संपदा का सच्चा सुख नहीं मिलता है। जो व्यक्ति स्वयं परिश्रम का पुरुषार्थ करता है अम्बामाता भी उसे पर कृपा करती है।

परिश्रम के पुरुषार्थ बिना आत्मा का कल्याण नहीं होता है। संसार की मोह माया में रहे लेकिन माता-पिता और गाय की सेवा भी करते रहे तो उनके जीवन में आनंद और सुख समृद्धि आएगी। यह बात समीप वृती ग्राम जमुनिया खुर्द में सोनगरा (राजपुत) परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा में अंबाजी धाम निपानिया जिला मंदसौर के परम पूज्य गुरुदेव सरकार ने कहीं। उन्होंने कहा कि युवा व्यसन और फैशन से दूर रहे और परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन नैतिकता और ईमानदारी के साथ करें तो सफलता उनके कदमों में होगी। इसलिए अपनी आय का 10 प्रतिशत नियमित दान करना चाहिए इससे धन पवित्र होता है। गौ माता के शरीर में 33 कोटी देवी देवता विराजित रहते हैं मन में छल नहीं हो तो शिव पर चढ़ाया जल भी फलदाई होता है। माता तुलसी की नियमित पूजा अर्चना करनी चाहिए और प्रत्येक सनातन हिंदू धर्म के घर परिवार में एक पौधा तुलसी का आंगन में लगाना चाहिए। धरती पर जब-जब असुर प्रकट होते हैं तब तक माता अवतार लेती है।

पावागढ़ की कालिका माता हिंगलाज माता शाकंभरी माता है इसके उदाहरण है। आधुनिक युग में नारी शक्ति में संस्कारों की कमी के कारण विवाह के 1 साल बाद ही विवाह विच्छेद हो रहे हैं जो चिंतन का विषय है माता-पिता अपने संतान के सामने सदैव अच्छे कर्म करें तभी उनकी संतान भी संस्कारी बनेगी। गुरुदेव ने शिव पार्वती विवाह का प्रसंग पर विस्तार से व्याख्या करते हुए कहा कि जहां सम्मान नहीं मिले वहां चाहे सोना भी बरसता हो तो नहीं जाना चाहिए और जहां सम्मान मिले वहां चाहे पत्थर भी बरसते हो तो जाना चाहिए। दिव्य दरबार आज सजेगा आज मंगलवार को रात्रि 8 बजे श्रीमद् भागवत देवी भक्ति पंडाल में परम पूज्य गुरुदेव सरकार अंबाजी धाम निपानिया का दिव्य दरबार भी लगेगा। शिव पार्वती विवाह की झांकी बनी आस्था का केंद्र श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के मध्य जब गुरुदेव ने शिव पार्वती विवाह का प्रसंग बताया तो भक्ति पंडाल में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने जय जय शिव शंकर और अंबे माता की जय घोष लगाई। भोलेनाथ का अभिनय वीरेंद्र सिंह द्वारा निभाया गया। शिव पार्वती विवाह के नृत्य नाटिका में शिव का अभिनय सुश्री अर्पिता सिंह राठौड़ ने तथा पार्वती का अभिनय शानवी शिंदे ने प्रस्तुत किया।

जो सभी की आस्था का केंद्र रहे। शिवजी की बारात बैंड बाजे के साथ कथा पंडाल विवाह स्थल पर पहुंची जिनका स्वागत श्रद्धालु भक्तों द्वारा पुष्प वर्षा से किया गया। बारात समी पवृति ग्राम रावत खेड़ा निवासी दिग्विजय सिंह राठौड़ परिवार के यहां से बैंड बाजे के साथ आई वधू पक्ष से ओमराव मराठा ने स्वागत किया मायरा बबलू भाई मावे वाले नीमच की ओर से लाया गया।

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