चीताखेड़ा । स्थानीय गांव में आज 2 आचार्य, 3 पंन्यास प्रवर, 16 मुनिराज और 3 साध्वी म.स.का 2 दिन स्थिरता के लिए चीताखेड़ा में पहली बार एक साथ 24 साधु -साध्वी भगवंतों का भव्य मंगल प्रवेश प्रातः 6 बजे ढोल ढमाकों के साथ होने जा रहा है। इसको लेकर जैन अनुयायियों में बड़ा ही उत्साह है. उल्लेखनीय है कि आज दिवस 6 जनवरी 2026 मंगलवार को प्रातः 6 बजे जीरन से राजस्थान के छोटीसादड़ी विहार के दौरान डहेलावाला समुदाय के आचार्य श्री के आगमन को लेकर चीताखेड़ा श्री संघ में उत्साह का माहौल है।
स्वाध्याय प्रेमी परम पूज्य आचार्य श्री जगच्चचंद्र सूरिजी म.सा. परम पूज्य आचार्य श्री कल्पयश सूरिजी म.सा., पन्यास प्रवर श्री शीलचंद्र विजयी जी म.सा. पन्यास प्रवर श्री चंद्रयश विजय जी म. सा. पन्यास प्रवर श्री प्रसन्नचंद्र विजय जी म. सा. मुनिराज श्री राजयश विजय जी म. सा. मुनिराज श्री नयज्ञ विजय जी म. सा. मुनिराज श्री आत्मदर्शन विजय जी म. सा. मुनिराज श्री दिव्यचंद्र विजय जी म. सा. मुनिराज श्री गोयमचंद्र विजय जी म. सा. मुनिराज श्री केवलज्ञान विजय जी म. सा. मुनिराज श्री हितांशचंद्र विजय जी म. सा. मुनिराज श्री नीग्रंथचंद्र विजय जी म. सा. मुनिराज श्री विजयघोष विजय जी म.सा. मुनिराज श्री जयघोष विजय जी म. सा. मुनिराज श्री भव्ययश विजय जी म.सा. मुनिराज श्री कृतनिश्चय जी म. सा. मुनिराज श्री चिदयश विजय जी म. सा. मुनिराज श्री नंदीसूत्र विजय जी म. सा. मुनिराज श्री विदवद विजय जी महाराज साहब मुनिराज श्री लब्धि चंद्र विजय जी म. सा. मुनिराज श्री लब्धिचंद्र विजयी जी म.सा.परम पूज्य साध्वी श्री शासन ज्योति श्री जी म. सा.परम पूज्य साध्वी श्री दीक्षित प्रभा श्री जी म. सा. परम पूज्य साध्वी श्री मैत्री रत्ना श्री जी म. सा. 21 संत श्री और 3 साध्वी श्री जी का चीताखेड़ा की धरती पर एक साथ पहली बार पदार्पण होने जा रहा है।
जैन समुदाय के श्रावक श्राविकाओं के हृदय में आचार्य भगवंतों के दिव्य दर्शन करने हेतु उत्सुकता हिलोरें मार रहे हैं। बताया गया है कि भव्य मंगल प्रवेश में समग्र जैन श्वेताम्बर श्री संघ गुरु भक्त परिवार व विभिन्न श्रावक श्राविकाएं परंपरा के 21 साधु भगवंतों व 3 साध्वी म.सा. की अगवानी करेंगे। जैन श्री संघ के पदाधिकारीयों ने जैन समाज के समस्त धर्मप्रेमियों से अनुरोध किया है कि अधिक से अधिक संख्या में निर्धारित समय पर जीरन मार्ग पर स्थित श्री लाभ मुनि जी म.सा. के मुख्य द्वार पर साधु साध्वी भगवंतों की अगुवाई में पहुंचे। भव्य मंगल प्रवेश ढोल-ढमाकों के साथ गांव के विभिन्न मार्गों से श्री मुनि सुव्रत स्वामी जिनालय के आराधना भवन पहुंचेंगे। जहां 2 दिन स्थिरता विश्राम के पश्चात् चतुर्विध संघ के साथ दिनांक 8 जनवरी गुरुवार को प्रातः 6 बजे राजस्थान के रंभावली के लिए विहार करेंगे। जहां प्रातः 8:30 बजे रंभावली में मंगल प्रवेश के तत्पश्चात नवकारसी, गुरु देव के व्याख्यान एवं संघमाल दोपहर 12:15 बजे सभी सधार्मिक बंधुओं का स्वामी वात्सल्य।