नीमच। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के ऐतिहासिक उद्घाटन की द्वितीय वर्षगांठ के पावन अवसर पर मंशापूर्ण महादेव–रणजीत हनुमान मंदिर, इंदिरा नगर नीमच में पाँच दिवसीय भव्य धार्मिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन सनातन संस्कृति, अखंड रामभक्ति और जन-जन की आस्था का जीवंत प्रतीक बनेगा।
मंदिर समिति के अध्यक्ष मनीष चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में प्रभु श्रीराम टाट से ठाठ में विराजमान हुए थे। उस ऐतिहासिक समय पूरे देश में रामधुन और प्रभात फेरियों का आयोजन हुआ था। जब से इंदिरा नगर, नीमच की प्रभात फेरी आज तक अखंड, नियमित और किसी भी मौसम में बिना रुके निरंतर चल रही है, जो पूरे नीमच जिले के लिए एक अद्भुत उदाहरण बन चुकी है। इंदिरा नगर आज “कट्टर सनातनी” पहचान के साथ भक्ति मार्ग पर अडिग खड़ा दिखाई देता है।
मुकेश धनगर के माध्यम से जारी कार्यक्रम अनुसार पाँच दिवसीय आयोजन इस प्रकार रहेगा--
प्रथम दिवस | 22 जनवरी प्रातः विशेष आकर्षणों के साथ हजारों रामभक्तों की सहभागिता में विशाल प्रभात फेरी निकाली जाएगी, जो भक्ति मार्ग पर श्रद्धा और रामनाम की गूंज के साथ चलेगी।
द्वितीय दिवस | 23 जनवरी सायं संकीर्तन करते हुए नानी बाई के मायरे का निमंत्रण दिया जाएगा। कीर्तन मंडली द्वारा इंदिरा नगर के भक्ति मार्ग पर भ्रमण किया जाएगा।
तृतीय दिवस | 24 जनवरी भव्य कलश एवं शोभायात्रा के साथ नानी बाई के मायरे का आयोजन होगा।
सायं 7 से 10 बजे तक मंदिर परिसर में मायरे का दिव्य कार्यक्रम संपन्न होगा।
चतुर्थ दिवस | 25 जनवरी सायं 7 से 10 बजे तक पुनः नानी बाई के मायरे का आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
पंचम दिवस | 26 जनवरी नानी बाई का भात बैंड-बाजों के साथ लाया जाएगा तथा सायं 7 से 10 बजे तक भव्य मायरे का आयोजन होगा।
घर-घर पीले चावल से निमंत्रण, उमड़ेगा आस्था का सागर इस महोत्सव के लिए घर-घर पीले चावल देकर आमंत्रण दिए जाएंगे। आयोजन में हजारों भक्तों के शामिल होने की संभावना है। सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी मंदिर समिति एवं कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है।
बैठक में यह रहे उपस्थित :-
आयोजन को लेकर आयोजित बैठक में सुनील कुमार सोनी, डॉ. संजय पाठक, मुकेश लश्कर, पंकज चौधरी, गुणवंत जैन, प्रदीप शर्मा, राजू नागदा, बंटू कोराने, विकास पटौदी, मुकेश धनगर, विक्की सोनी, सच्चू पाठक एवं मनीष चौधरी उपस्थित रहे। यह पाँच दिवसीय महोत्सव न केवल राम मंदिर की वर्षगांठ का उत्सव होगा, बल्कि इंदिरा नगर की अखंड रामभक्ति, सनातन संस्कार और सांस्कृतिक चेतना का विराट प्रदर्शन भी बनेगा।