नीमच । नीमच जिले के गांव भाटखेडी निवासी श्रीमती चन्दाबाई पाटीदार पशुपालन से प्रतिमाह पचास हजार रुपये कमा कर, परिवार की आर्थिक सहायता कर रही है। चन्दाबाई का कहना है, कि उन्होने आठ वर्ष पूर्व 3 गायों से पशुपालन कर कार्य प्रारम्भ किया था। आज उनके पास घर पर ही पैदा हुई बछियाओं से 10 गायें है। इनमें से 4 दूध दे रही है तथा 6 गर्भवती है। चन्दाबाई प्रतिदिन 40 लीटर दूध डेयरी पर, बेचकर 50 हजार रूपये प्रतिमाह कमा रही है। पशुपालक श्रीमती चन्दाबाई ने अपनी पशुशाला को आधुनिक तरिके से बना रखा है, जिसमें पक्का फर्श, चारा खाने की होदियों तथा पानी के लिए ऑटोमेटिक टब लगा रखे है। इससे मानव संसाधन की बचत होती है साथ ही चारा भी खराब नहीं होता है और पशुशाला की सफाई भी जल्दी हो जाती है। पशुपालक श्रीमती चन्दाबाई अपने पशुओं को घर का तैयार मक्का का दलिया, उड़द की चूरी पशु आहार एवं कपास्या खली के साथ मिनरल मिक्चर खिलाती है, जिससे पशुओं का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और उनकी दूध उत्पादन क्षमता भी बढ़ती हैं। पशुपालक श्रीमती चन्दा बाई कहती है, कि वे प्रतिवर्ष गाय से बछिया प्राप्त करती है। बछिया के जन्म से दुधारु पशुओं की संख्या में वृद्धी हो रही है वह अपने पशुओ का सेक्स सार्टेड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान करवाती है ताकि अधिक से अधिक मादा बछिया पैदा हो। इस तरह चंदाबाई ने पशुपालन के से आर्थिक समृद्धि प्राप्त कर वे अपने परिवार की समृद्धि में भी सहायता कर रही है। दुग्ध उत्पदन से उन्हें समृद्धि की राह मिली है।