भोपाल। नेताओं के भाषणों में अक्सर यह दावा किया जाता है कि हर गांव, कस्बा और शहर को मजबूत सड़कों (मार्ग) से जोड़ा जाएगा, लेकिन हकीकत यह है कि कई जगहों पर सड़कें अब भी बदहाल हैं। केंद्र और राज्य सरकार के बड़े-बड़े दावे जमीनी हकीकत पर कुछ और ही नजर आते हैं। गड्ढों और धूल से भरे रास्ते लोगों के लिए परेशानी और हादसों की वजह बन रहे हैं।
सरकार दावा करती है कि प्रदेश के हर हिस्से में बेहतर सड़क नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। करोड़ों रुपये की योजनाओं को स्वीकृति दी गई है और कई प्रोजेक्ट पर काम भी चल रहा है। हालांकि आम लोगों का कहना है कि दावे और धरातल की स्थिति में काफी फर्क है। जिसका एक ताजा मामला हाल ही सामने आया है, जब मध्य प्रदेश के खंडवा में सड़क की जर्जर स्थिति ने आमजन का जीवन मुश्किल कर दिया है। इससे लोगों में आक्रोश भी पनपने लगा है। विधायक कर रही प्रयास दरअसल, मामला खंडवा-मुंदी मार्ग की जर्जर स्थिति का है। जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है। जिसपर लगातार नाराजगी देखने को मिल रहा है। लोग आक्रोशित प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। यह आम जनता के लिए एक गंभीर समस्या है। इस कारण आए-दिन हादसे होते रहते हैं, जिसे दूर करने के लिए खंडवा विधानसभा की विधायक कंचन मुकेश तंवे लगातार प्रयास कर रही हैं और इसी संबंध में उन्होंने भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की।
सीएम से की मुलाकात इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की प्रमुख सड़क परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति और निर्माण की मांग रखी। मुलाकात के समय मांधाता विधायक नारायण पटेल भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों विधायकों ने मुख्यमंत्री से स्पष्ट कहा कि खंडवा और आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए सड़क निर्माण कार्य अत्यंत आवश्यक है। इसके बाद विधायक कंचन तंवे ने भरोसा दिलाया कि सीएम से हुई चर्चा के बाद जल्द ही इन परियोजनाओं पर काम शुरू होगा। उन्होंने कहा कि खंडवा विधानसभा के लोगों को अब जर्जर सड़कों से राहत मिलेगी और सड़क निर्माण के पूरा होते ही क्षेत्र का यातायात आरामदायक हो जाएगा। प्रमुख मांग टिठिया जोशी से सिरपुर फाटा तक 12 किमी बायपास बनाया जाए, जिसे लगभग 100 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। जिसका कार्य भी जल्दी शुरू किया जाए। नहाल्दा से भंडारिया होते हुए कृषि बीज केंद्र अमरावती रोड तक 4.8 किमी बायपास बनाया जाए, जिसे लगभग 20 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा। खंडवा–मुंदी मार्ग का पुनर्निर्माण हो। जिसके लिए 154 करोड़ की लागत लगेगी। डुल्हार मार्ग और तीन पुलिया ब्रिज बनाए जाएं।
इसके भी निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की मांग की गई है।। खंडवा नगर की आंतरिक सड़कों का सुधार हो। इसके लिए 59 करोड़ से अधिक की लागत आएगी। जनता को मिलेगा लाभ स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर इन परियोजनाओं पर समय पर काम शुरू हो गया तो खंडवा-मुंदी मार्ग सहित अन्य सड़कें क्षेत्रवासियों को राहत पहुंचाएगी। इससे जाम की समस्या भी खत्म होगा। नई सड़कें बनने से न सिर्फ लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी।