भोपाल।पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल के ‘भीख मांगने’ वाले बयान पर सियासत गरमा गई है।
अब कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वो पांच मार्च से उनके बयान के खिलाफ आंदोलन करेगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकेश नायक ने कहा कि इस दौरान प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन होंगे, जिलों में ज्ञापन दिए जाएंगे, मंत्रियों को काले झंडे दिखाएंगे। इसी के साथ उन्होंने प्रहलाद पटेल से माफी मांगने की मांग भी की है और इस्तीफा भी मांगा है। बता दें कि राजगढ़ जिले के सुठालिया में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा के अनावरण समारोह में प्रहलाद पटेल ने कहा था कि ‘अब तो लोगों की सरकार से भीख मांगने की आदत पड़ गई है। नेता आते हैं, तो उन्हें टोकना भर कागज मिलते हैं। मंच पर माला पहनाएंगे और पत्र पकड़ा देंगे। ये अच्छी आदत नहीं है। लेने के बजाय देने का मानस बनाइए। मैं दावे से कहता हूं आप भी सुखी होंगे और एक संस्कारवान समाज को हम खड़ा करेंगे। ये भिखारियों की फौज इकट्ठा करना समाज को मज़बूत करना नहीं है, समाज को कमजोर करना है।’ मुकेश नायक ने कहा ‘बीजेपी नेताओं के सिर चढ़कर बोल रहा है अभिमान’ प्रहलाद पटेल के भीख मांगने वाले बयान को लेकर कांग्रेस अब आंदोलन करेगी। पूर्व मंत्री और कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने आज भोपाल में एक पत्रकार वार्ता में कहा कि ‘बीस साल से मध्यप्रदेश में और दस साल से ज्यादा केंद्र में सरकार में रहने के कारण अब बीजेपी और उनके नेताओं का दंभ और अभिमान सिर चढ़कर बोल रहा है।
अब तो ये नौबत आ गई है कि बीजेपी मध्यप्रदेश के मतदाताओं को जिन्हें हम जनता जनार्दन कहते हैं, उन्हें भिखारी कह रही है।’ उन्होंने कहा कि स्कूल में अगर कोई गाँव का आदमी शिक्षक नहीं होने की शिकायत करता है, अगर कोई किसान खाद-बीज नहीं होने की शिकायत करता है तो बीजेपी नेता इसे भीख मांगना कहते हैं। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से की प्रहलाद पटेल का इस्तीफा लेने की मांग, ‘भीख मांगने’ के बयान पर गरमाई सियासत कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन, बीजेपी से की माफी की मांग मुकेश नायक ने मांग की कि प्रहलाद पटेल अपने इस बयान के लिए माफी मांगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी के मंत्री ने देश की की साढ़े सात करोड़ जनता को भिखारी कहा है और इसका पुरज़ोर विरोध किया जाएगा। इसके लिए परसों यानी पांच मार्च से कांग्रेस इस अपमानजनक बयान के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। इसके तहत पूरे प्रदेश में पत्रकार वार्ताएं होंगी, धरना प्रदर्शन होंगे, जुलूस निकाले जाएंगे, जिलों में ज्ञापन देंगे और जिलों के दौरे पर आए मंत्रियों को काला झंडा दिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वहीं जब उनसे सीएम डॉक्टर मोहन यादव के बालिकाओं के साथ होने वाले अपराध में कमी के बयान पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार के आंकड़े पता नहीं कहां से आ रहे हैं। एनसीआरबी के आंकड़े तो कुछ और कहते हैं।