नीमच । मौसम में आए दिन हो रहे बदलाव के बाद अब किसानों को मानसून का इंतजार है। बोवनी के लिए किसान खेतों को तैयार करने में जुटा हुआ है। बोवनी से पहले खाद व बीज जुटाना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। खाद में नए नियमों व दाम के कारण मिलना भी मुश्किल हो रहा है तो बीज के दाम बढ़ गए है। वहीं डीजल के दामों पर युद्ध का असर आया तो खेती में लागत बढ़ गई। हंकाई से लेकर बोवनी सबकुछ महंगा हो गया है। महंगाई बढने के कारण बोवनी से पहले किसानों पर बड़ा खर्च बढ़ गया है। वहीं इस बार मानसून में हो रही देरी भी किसानों की चिंता बढ़ा रही है। जिले में अब तक खंड बारिश की स्थिति देखी गई है। अलग-अलग क्षेत्र में बारिश हुई है लेकिन बोवनी के अनुकूल बारिश अब तक नहीं हुई है। मौसम विभाग की माने तो अभी कुछ दिन ओर गर्मी का दौर जारी रहेगा। वहीं मानसून आगे बढ़ सकता है। आईएमडी के मुताबिक तेलंगाना के भद्राचलम में मानसून पिछले एक सप्ताह से अटका हुआ है। इसके काद प्रदेश व जिले में मानसून आने में देरी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार अब प्रदेश में मानसून के 21 से 23 जून के बीच आने का अनुमान है। बोवनी से पहले किसानों की बढ़ी परेशानी - मानसून का इंतजार कर रहे किसान खेतों को तैयार करने में लगे है। इसमें खाद व बीज का इंतजार करना सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके लिए किसानों को अपने स्तर से जतन करना पड़ रहे है। नए नियमों के कारण खाद जुटाना मुश्किल हो रहा है तो बीज भी महंगे दामों के बाद भी आसानी से नहीं मिल रहा है। किसानों को इसके लिए दौड़ लगाना पड़ रही है। वहीं डीजल के दामों के कारण ट्रैक्टर से खेतों में होने वाले सभी काम महंगे हो गए है। साथ ही पेट्रोल पंप पर डीजल लेने की भी लिमिट तय कर दी है। इसी कारण दाम बढने के बाद भी डीजल ले जाना मुश्किल हो रहा है। इस तरह बोवनी से पहले किसानों को इस बार कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खाद-बीज व डीजल से बढ़ी व परेशानी खाद-बीज से लेकर डीजल को लेकर दिक्कत हो रही है। दाम बढने के कारण खेती में लागत बढ़ गई है। खाद मिल भी नहीं रहा है। वहीं मानसून में भी देरी हो रही है। बारिश से पहले बोवनी की तैयारी में ही बड़ा खर्च किसानों का हो रहा है। खाद-बीज के लिए दौड़भाग करना पड़ रही है। इस बार खेती में महंगाई का असर अधिक बढ़ गया है।-शिवप्रसाद गुर्जर, बोरखेड़ी पानेड़ी दाम बढने के बाद भी नहीं मिल रहा डीजल के दाम बढने से खेत में बोवनी से लेकर हंकाई सबकुछ महंगा हो गया है। इसके साथ ही खाद के दाम भी बढ़ गए है। दाम बढने के बाद भी आसानी से न डीजल मिल रहा है और न हीं खाद। पेट्रोल पंप पर भी डीजल देने की लिमिट तय कर दी है। ऐसे में महंगाई का असर बढ़ रहा है। अश्विन धाकड़, मालखेड़ा