नीमच। जीवन संजीवनी अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास एवं एसडीओपी जावद रोहित राठौर की उपस्थिति में हॉटस्पॉट कानका फंटा पर सीपीआर और प्राथमिक चिकित्सा के बारे में प्रोग्राम आयोजित किया गया।
जिला नीमच में वर्ष 2023 में 359 सडक दुर्घटना घटित होकर 101 व्यक्तियों की मृत्यु हुई, वर्ष 2024 में 368 सडक दुर्घटना घटित होकर 120 व्यक्तियों की मृत्यु हुई एवं वर्ष 2025 में 321 सडक दुर्घटना घटित होकर 117 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। जिला नीमच में हो रही सडक दुघटनों एवं उनमें हो मृत्यु की संख्या को कम करने हेतु एसपी राजेश व्यास द्वारा स्वंय गहन चिंतन किया जाकर नगर पुलिस अधीक्षक नीमच, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जावद एवं मनासा, थाना प्रभारी यातायात, टेक्नीकल सहायक ईडीएआर संचालक डीएमआर के साथ कई बार मिटींग आयोजित कर सडक दुर्घटनाओं को कम करने हेतु कारणों को विश्लेषण किया गया।
पुलिस अधीक्षक के स्वंय गहन चिंतन, नगर पुलिस अधीक्षक नीमच, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जावद एवं मनासा, थाना प्रभारी यातायात, टेक्नीकल सहायक ईडीएआर संचालक डीएमआर के टेक्नीकल सहयोग से जिले के 22 अत्यधिक सडक दुर्घटना संभावित स्थलों का चयन किया जाकर भौतिक निरीक्षण किया गया, दुर्घटनाओं को कम करने हेतु दुर्घटनाओं के संभावित कारणों का टेक्नीकल एवं भौतिक निरीक्षण के माध्यम से पता किया गया।
उक्त टेक्नीकल एवं भौतिक निरीक्षण के पश्चात एसपी व्यास द्वारा जिले में सडक दुर्घटनाओं को कम करने एवं सडक दुर्घटनाओं में घायलों को तुरंत सीपीआर व प्राथमिक उपचार मुहिया करवाने हेतु जिले में ’जीवन संजीवनी अभियान’ प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। उक्त अभियान के तहत जिलें में चिन्हित 22 हॉट स्पाटों पर आस पास रहने वाले 50 -50 लोगों को सीपीआर ट्रेनिंग, प्राथमिक उपचार हेतु एक डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा।
जो दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति को सीपीआर व प्राथमिक ईलाज तुरंत मुहिया करवा सके तथा पीड़ित की जान बचाई जा सके। जीवन संजीवनी अभियान एक क्यूआर कोड के माध्यम से संचालित होगा जिसमें कोई भी व्यक्ति गुगल के माध्यम से स्केन कर सडक दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद कर सडक सुरक्षा मित्र बन पायेगा। गुगल फॉर्म के अंतर्गत व्यक्ति द्वारा घायल व्यक्ति की किस प्रकार मदद की आदि महत्वपूर्ण अपने सहयोग को भर पायेगा और वह जिले के सडक सुरक्षा मित्र के रूप में पहचाना जायेगा।