मनासा। गंगा बावड़ी बांध परियोजना करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2017 में शुरू की गई थी, लेकिन वन विभाग की आपत्तियों के चलते यह परियोजना आज तक पूरी नहीं हो सकी। लगभग 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, फिर भी अंतिम चरण का काम रुका हुआ है। परियोजना के लिए 14 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण कर करीब 10 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया गया था। वहीं, 41 हेक्टेयर वन भूमि जलमग्न क्षेत्र में आने के कारण वन विभाग से अनुमति नहीं मिल पाने से निर्माण कार्य अटक गया। बांध की दीवार और अधिकांश निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, लेकिन नाला निर्माण सहित शेष 10 प्रतिशत कार्य लंबित है। परियोजना पूरी होने पर लगभग 575 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी और गंगा बावड़ी, सांड बावड़ी, रावतपुरा, बुंडी सहित कई गांवों के किसानों को लाभ होगा। स्थानीय किसान और ग्रामीण लंबे समय से परियोजना को पूरा करने की मांग कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में सिंचाई की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।