रामपुरा। गांधी सागर बांध की सुरक्षा के लिए निर्मित रिंगवाल पर सोमवार सुबह अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब नदी में कुछ युवक डूबते दिखाई दिए। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत-बचाव दल, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने तेजी से मोर्चा संभाल लिया।
हालांकि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं था, बल्कि जिला आपदा प्रबंधन समिति द्वारा आयोजित एक विशेष मॉक ड्रिल थी। इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़, जलभराव और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न विभागों की तैयारियों और समन्वय की जांच करना था। ड्रिल के दौरान राहत दल ने युवकों को सुरक्षित बाहर निकालकर एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार कर उन्हें सुरक्षित घोषित किया। पूरे घटनाक्रम का प्रदर्शन इतना वास्तविक था कि कई लोग इसे सचमुच की दुर्घटना समझ बैठे। अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश ने नागरिकों से अपील की कि बारिश के मौसम में सतर्क रहें तथा किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दें। वहीं एसडीएम किरण आंजना, एसडीओपी निकिता सिंह और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने ग्रामीणों को आपदा के समय बचाव और सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सरपंच, सचिव, ग्रामीण एवं पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।