श्री केदार महाराज आनंद धाम खामोर भीलवाड़ा के मुखारविंद से सप्तदिवसीय संगीतमय श्रीमद् देवी भागवत कथा एवं पंचकुण्डीय महायज्ञ 11 से 17 जून तक
डीकेन। नगर के प्रसिद्ध कालिका माता मंदिर, चावड़ा बाग में शिखर कलश स्थापना के पावन अवसर पर भव्य सप्तदिवसीय संगीतमय श्रीमद् देवी भागवत कथा एवं पंचकुण्डीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यह धर्ममय आयोजन 11 जून से 17 जून 2026 तक श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न होगा। कथा के मुख्य वक्ता पूज्य संत श्री केदार महाराज (आनंद धाम, खामोर, जिला भीलवाड़ा, राजस्थान) अपने मधुर एवं ओजस्वी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को देवी महिमा, सनातन संस्कृति एवं धर्म के गूढ़ रहस्यों का रसपान कराएंगे। कथा के दौरान भक्ति संगीत, धार्मिक अनुष्ठान एवं पंचकुण्डीय महायज्ञ की दिव्य आहुतियों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना रहेगा। आयोजन की शुरुआत 11 जून 2026 को प्रातः 7:15 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। यह यात्रा राम जानकी मंदिर, गणपति चौक, डीकेन से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कालिका माता मंदिर, चावड़ा बाग पहुंचेगी। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कथा का नियमित आयोजन प्रतिदिन दोपहर 11:30 बजे से 3:30 बजे तक कालिका माता मंदिर के सामने, ब्रह्मपुरी मार्ग, डीकेन में किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रीमद् देवी भागवत कथा के श्रवण से माता भगवती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। कथा श्रवण से सुख-समृद्धि एवं लक्ष्मी प्राप्ति, असाध्य रोगों से मुक्ति की कामना, भूत-प्रेत बाधा का निवारण, गृह क्लेश एवं पारिवारिक अशांति का शमन, पितृ एवं प्रेत दोष की शांति तथा व्यापार एवं कार्यक्षेत्र में मनोवांछित सफलता एवं लाभ की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। कथा प्रवक्ता पूज्य श्री केदार महाराज ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि जो भक्त विशेष मनोकामना लेकर कथा में सम्मिलित होना चाहते हैं, वे सातों दिन श्रद्धा, संयम एवं नियमपूर्वक एक ही स्थान पर बैठकर कथा श्रवण करें तथा अपनी क्षमता अनुसार उपवास एवं धार्मिक अनुशासन का पालन करें। ऐसी मान्यता है कि निष्ठापूर्वक कथा श्रवण करने से माता जगदम्बा की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस भव्य धार्मिक आयोजन का दायित्व समस्त नगरवासी डीकेन, ब्रह्मपुरी, भगवानपुरा, केवड़िया, गुड़ाहोला, गुड़ापरिहार एवं समस्त भक्तजनों द्वारा निभाया जा रहा है। आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी बंधुओं, माताओं, बहनों एवं युवाओं से सपरिवार उपस्थित होकर कथा श्रवण, यज्ञ एवं धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित करने की अपील की है। सात दिनों तक चलने वाले इस महाआयोजन में भक्ति, श्रद्धा, साधना और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा, जो समूचे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय धार्मिक पर्व सिद्ध होगा।