आज 07 जून 2026 को अधिक मास की सप्तमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त ओर राहूकाल

Neemuch headlines June 7, 2026, 6:28 am Technology

आज अंग्रेजी तारीख 7 जून 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु। राहुकाल सायं 05:30 से 07:00 बजे तक। सप्तमी तिथि अगले दिन तड़के 03 बजकर 24 मिनट (8 जून) तक उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ। धनिष्ठा नक्षत्र प्रातः 07 बजकर 55 मिनट तक उपरांत शतभिषा नक्षत्र का आरंभ।

वैधृति योग प्रातः 10 बजकर 02 मिनट तक उपरांत विष्कुम्भ योग का आरंभ। विष्टि (भद्रा) करण दोपहर 03 बजकर 07 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात कुंभ राशि पर संचार करेगा।

तिथि कृष्ण सप्तमी – अगले दिन तड़के 03:24 बजे (8 जून) तक,

फिर अष्टमी योग वैधृति – प्रातः 10:02 बजे तक,

फिर विष्कुम्भ करण विष्टि (भद्रा) – दोपहर 03:07 बजे तक करण बव –

अगले दिन तड़के 03:24 बजे (8 जून) तक,

फिर बालव सूर्य और चंद्रमा की स्थिति---

सूर्योदय का समय :- प्रातः 05:23 बजे

सूर्यास्त का समय :- सायं 07:17 बजे

चंद्रोदय का समय :- मध्यरात्रि 12:21 बजे (8 जून)

चंद्रास्त का समय :- प्रातः 11:09 बजे

आज के व्रत त्योहार :- कृष्ण सप्तमी तिथि।

आज का शुभ मुहूर्त :- अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक।

अमृत का अगले दिन तड़के 01 बजकर 35 मिनट (8 जून) से तड़के 03 बजकर 16 मिनट (8 जून) तक।

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3 बजकर 52 मिनट से 4 बजकर 38 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त :-

सायं 05:30 से 07:00 बजे तक राहुकाल रहेगा।

दोपहर 03:30 से 05:00 बजे तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक यमगंड रहेगा।

आज कानक्षत्र आज चंद्रदेव शतभिषा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। धनिष्ठा नक्षत्र: प्रातः 07:55 बजे तक स्थान: 23°20’ मकर राशि से 6°40’ कुंभ राशि तक नक्षत्र स्वामी: मंगलदेव राशि स्वामी: शनिदेव देवता: अष्ट वसु (भौतिक सुख-समृद्धि के देवता) प्रतीक: ढोलक या बांसुरी सामान्य विशेषताएं :- इस नक्षत्र में जन्मे लोगों की इच्छाशक्ति बहुत मजबूत होती है और ये अत्यंत आत्मविश्वासी होते हैं। ये बाधाओं से डटकर लड़ने वाले, साहसी, धैर्यवान और बेहद मेहनती स्वभाव के होते हैं। इनमें अद्भुत मैनेजमेंट शक्ति होती है, जिसके कारण ये समाज में प्रसिद्ध, धनवान और एक निडर व्यक्तित्व के रूप में उभरते हैं। आज का उपाय :- आज सूर्यदेव को जल अर्पित करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। रविवार के दिन गेहूं या तांबे के बर्तनों का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। यह दान धार्मिक कार्यों के सुंदर और सफल संपादन के लिए अत्यंत श्रेष्ठ फलदायी माना जाता है।

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