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भाटखेड़ी बुजुर्ग पंचायत बनी जी.वी.पी. मुक्त, स्वच्छ भारत मिशन के तहत हटाया पुराना कचरा, बनाया आकर्षक पिकनिक स्पॉट

Neemuch headlines June 5, 2026, 7:49 pm Technology

नीमच । स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ग्राम पंचायत भाटखेड़ी बुजुर्ग ने एक अनुकरणीय पहल करते हुए गांव को जी.वी.पी. मुक्त कर दिया है। वर्षों से पानी की टंकी एवं नाले के पास बने कचरा पाइंट (जी.वी.पी. पॉइंट) को हटाकर ग्राम पंचायत ने अब उसे एक सुंदर 'पिकनिक स्पॉट' के रूप में विकसित कर दिया है।

कचरे के ढेर से पिकनिक स्पॉट तक का सफर: गांव में प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था एवं पानी की टंकी के पास वर्षों से खाली पड़ी जगह को ग्रामीणों ने कचरा अड्डा बना रखा था। मुख्य चौराहे पर होने से यहां दिनभर कचरे की बदबू, मच्छर-मक्खियों का प्रकोप रहता था। बारिश में नाला चौक होने से गंदा पानी कचरे सहित घरों में घुस जाता था। सरपंच मनोज पुरोहित और सचिव गोपाल मेहता ने इसके स्थाई हल की योजना बनाई। सफाई मित्रों और जेसीबी की सहायता से जीवीपी पॉइंट को हटाया। कचरे के ढेर के बीच बनी कुईयां के आसपास सफाई कर बाउंड्रीवाल से कवर कर चारों तरफ लोहे की रैलिंग लगाई गई। फर्श पर पेवर ब्लॉक, बैठने के लिए सीमेंट की कुर्सियां लगाई। कुईयां को ढककर उसके ऊपर महादेव की मूर्ति की स्थापना की गई। मूर्ति के पीछे की दीवार पर कैलाश पर्वत की डिजाइन में आकर्षक पेंटिंग की गई। ग्राम पंचायत सचिव गोपाल मेहता ने उक्‍त जानकारी देते हुए बताया,

कि विकसित स्थल का नाम 'पिपलेश्वर महादेव' रखा गया है। वर्तमान में यह पिकनिक स्पॉट लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सुबह-शाम बच्चे, युवा और बुजुर्ग यहां पहुंचते हैं। गंदगी हटने से वहां लगे पीपल के पेड़ की अब पूजा होने लगी है। महिलाएं जल चढ़ाने आती हैं। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण से आया बदलाव: सरपंच मनोज पुरोहित ने बताया कि पंचायत को जीवीपी मुक्त बनाने के लिए ग्रामीणों को खुले में कचरा न फेंकने और सही निपटारे की जानकारी दी गई। घर-घर कचरा संग्रहण हेतु पंचायत का मिनी ट्रैक्टर रोजाना सुबह गांव में निकलता है और सूखा-गीला कचरा एकत्र करता है। एनजीओ का मिला सहयोग: गांव के एन.जी.ओ. 'विश्वकर्माजी सोशल केयर एसोसिएशन' ने भी स्वच्छता के क्षेत्र में पंचायत का सहयोग किया। संस्था के डायरेक्टर कमलेश कारपेंटर एवं पंचायत ने भाटखेड़ी बुजुर्ग को स्वच्छता में नंबर 1 बनाने तथा कचरा सेग्रीगेशन शेड को नियमित संचालित करने की योजना बनाई है। यह प्रयोग अब दूसरी ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणा स्‍त्रोत बना है।

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