43 दिन के अवकाश की मंजूरी के बदले मांगी रिश्वत, वन विभाग का स्थापना शाखा प्रभारी लोकायुक्त के जाल में फंसा।

Neemuch headlines June 2, 2026, 7:37 pm Technology

मंदसौर। लोकायुक्त संगठन उज्जैन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सामान्य वन मंडल कार्यालय मंदसौर के स्थापना शाखा प्रभारी कृष्ण प्रताप सिंह राठौर को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ है और स्थापना शाखा का कार्य देख रहा था। जानकारी के अनुसार आवेदक ललित मीणा, वनरक्षक, गांधीसागर अभ्यारण पूर्व रेंज मंदसौर ने 27 मई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसे अपने इलाज के लिए अहमदाबाद (गुजरात) जाना था, जिसके लिए उसने 43 दिनों के अर्जित अवकाश की स्वीकृति हेतु आवेदन दिया था। इस दौरान स्थापना शाखा प्रभारी कृष्ण प्रताप सिंह राठौर ने अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और आईएफएमआईएस पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने के बदले तीन से चार हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश एवं पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन आनंद कुमार यादव के मार्गदर्शन में ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई मंगलवार 2 जून 2026 को लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने सामान्य वन मंडल कार्यालय मंदसौर स्थित स्थापना शाखा कक्ष में कार्रवाई करते हुए आरोपी कृष्ण प्रताप सिंह राठौर को आवेदक से 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के हाथ धुलवाने पर रासायनिक परीक्षण में रिश्वत राशि स्वीकार करने की पुष्टि हुई इस ट्रैप कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक दिनेशचंद्र पटेल, निरीक्षक हिना डाबर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत सहित आरक्षक उमेश जाटव, मोहम्मद इसरार एवं श्याम शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही लोकायुक्त संगठन द्वारा आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की सख्त मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है।

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