आज अंग्रेजी तारीख 2 जून 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु। राहुकाल दोपहर 03:30 से 05:00 बजे तक। द्वितीया तिथि सायं 07 बजकर 01 मिनट तक उपरांत तृतीया तिथि का आरंभ।
मूल नक्षत्र रात्रि 10 बजकर 06 मिनट तक उपरांत पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का आरंभ। साध्य योग प्रातः 07 बजकर 16 मिनट तक उपरांत शुभ योग का आरंभ। तैतिल करण प्रातः 05 बजकर 49 मिनट तक उपरांत गरज करण का आरंभ।
चंद्रमा दिन रात धनु राशि पर संचार करेगा।
तिथि कृष्ण द्वितीया – सायं 07:01 बजे तक, फिर तृतीया योग साध्य – प्रातः 07:16 बजे तक, फिर शुभ करण तैतिल – प्रातः 05:49 बजे तक करण गरज – सायं 07:01 बजे तक, फिर वणिज
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति---
सूर्योदय का समय :-
प्रातः 05:23 बजे
सूर्यास्त का समय :-
सायं 07:15 बजे
चंद्रोदय का समय :-
रात्रि 09:19 बजे
चंद्रास्त का समय :-
प्रातः 06:26 बजे (3 जून)
आज के व्रत त्योहार :-
द्वितीया तिथि।
आज का शुभ मुहूर्त :-
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक। अमृत काल दोपहर 02 बजकर 55 मिनट से सायं 04 बजकर 43 मिनट तक। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3 बजकर 52 मिनट से 4 बजकर 38 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त :-
दोपहर 03:30 से 05:00 बजे तक राहुकाल रहेगा। दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक गुलिक काल रहेगा। सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक यमगंड रहेगा।
आज का नक्षत्र :-
आज चंद्रदेव मूल नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। मूल नक्षत्र: रात्रि 10:06 बजे तक स्थान: 0° धनु राशि से 13°20’ धनु राशि तक नक्षत्र स्वामी: केतु राशि स्वामी: बृहस्पतिदेव देवता: निर्ऋति (विनाश और परिवर्तन की देवी) प्रतीक: पेड़ की जड़ें
सामान्य विशेषताएं :-
इस नक्षत्र में जन्मे लोग स्वाभिमानी, अनुशासित और गंभीर स्वभाव के होते हैं। ये उदार, दानी और पूरी तरह से ईमानदार होने के साथ-साथ कानूनप्रिय और आध्यात्मिक भी होते हैं। इनमें आत्म-चिंतन करने की गहरी क्षमता होती है और ये अपने ज्ञान के बल पर समाज में एक विशिष्ट स्थान बनाते हैं।
आज का उपाय :-
आज हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। मंगलवार के दिन लाल वस्त्र धारण करना या मसूर की दाल का दान करना शुभ माना जाता है। यह कार्य धार्मिक नियमों के सुंदर और सफल संपादन के लिए अत्यंत श्रेष्ठ फलदायी माना जाता है।