नीमच ।मनासा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, किसानों और आम जनता पर लगातार हो रहे अत्याचारों, दमनकारी नीतियों और दुर्भावनापूर्ण फ़र्जी मुकदमों के खिलाफ कांग्रेस ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है।
स्थानीय प्रशासन द्वारा सत्ता पक्ष के भारी दबाव में आकर कांग्रेस के पूर्व घोषित विरोध प्रदर्शन की अनुमति निरस्त करने के विरोध में आज जिला कांग्रेस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस पत्रकार वार्ता को पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा और जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक और प्रशासनिक साठगांठ पर तीखे प्रहार किए। पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा ने कहा कि मनासा में विपक्ष और आम जनता की आवाज को दबाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। मनासा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मनीष पोरवाल पर हाल ही में दर्ज किए गए झूठे आपराधिक प्रकरणों के विरोध में, तथा इससे पूर्व खिमला प्लांट की अवैध गतिविधियों के विरोध में किए गए आंदोलन में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर जो दुर्भावनापूर्ण मुकदमे दर्ज किए गए थे उसके विरोध में तथा हाल ही में माधव मारू द्वारा सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ थाने में जो झूठी शिकायत की गई थी, उसके विरोध में भी यह आंदोलन किया जा रहा था,
जिससे डरकर जिला प्रशासन और विधायक माधव मारू ने यह कदम उठाया है। नाहटा ने बताया कि इन सभी दमनकारी नीतियों के खिलाफ मनासा के तीनों ब्लॉक अध्यक्षों द्वारा 29 मई को स्थानीय पुलिस थाने के घेराव का कार्यक्रम तय किया गया था। प्रशासन के ही आग्रह पर कांग्रेस ने धरने के बजाय आम सभा करने और शांतिपूर्ण ज्ञापन सौंपने का सुझाव स्वीकार करते हुए नया आवेदन भी दे दिया था, इसके बावजूद स्थानीय विधायक के भारी राजनैतिक दबाव में आकर प्रशासन ने अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया। श्री नाहटा ने क्षेत्र की गंभीर समस्याओं को उठाते हुए अपने बयान को विस्तार दिया और कहा कि आज मनासा विधानसभा की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। सड़कों की बदहाली से लेकर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधि का ध्यान सिर्फ अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने में है। सरकारी विभागों में काम नियम के आधार पर नहीं, बल्कि शुद्ध रूप से दुर्भावनापूर्ण राजनीति के आधार पर हो रहे हैं और जनता इस तानाशाही को सहन नहीं करेगी। श्री नाहटा ने स्पष्ट घोषणा करते हुए कहा कि प्रशासन भले ही आज सत्ता के दबाव में आकर हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों को रोकने का प्रयास कर रहा हो, लेकिन कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है। पूर्व मंत्री नाहटा ने कहा कि 29 मई के इस स्थगित कार्यक्रम के बाद, आने वाले कुछ ही दिनों में हम नई तारीख का ऐलान करेंगे और मनासा में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व और उनकी गरिमापूर्ण उपस्थिति में एक ऐसा विशाल और ऐतिहासिक जन-आंदोलन खड़ा करेंगे जो इस सोई हुई सरकार और पक्षपाती प्रशासन के विरुद्ध एक बड़ा शंखनाद होगा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने विधायक और प्रशासन पर अत्यंत तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज मनासा पूरी तरह अपराध और घोटालों का घर बन चुका है। पूरे नीमच जिले में सर्वाधिक अपराध और अवैध गतिविधियां अकेले मनासा विधानसभा क्षेत्र में फल-फूल रही हैं। चाहे करोड़ों के जमीन घोटाले हों, क्षेत्र में हथियारो की अवैध फैक्ट्रियों का पकड़ा जाना हो, या फिर युवाओं की नसें खोखली करने वाली खतरनाक एमडी ड्रग्स की फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ होना हो, इन सब काले कारनामों में मनासा का नाम सबसे ऊपर आ रहा है। रेत का अवैध खनन हो या अवैध रेती से भरे डंपरों का बेखौफ दौड़ना, इन सभी मामलों में मनासा क्षेत्र सर्वोपरि बना हुआ है। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में सर्वाधिक अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं और जमीनों के बड़े-बड़े खेल हो रहे हैं। सबसे शर्मनाक स्थिति यह है कि जब भी इन अवैध कार्यों और घोटालों की शिकायत की जाती है तों प्रशासन द्वारा विधायक के दबाव में खुलेआम इन अपराधियों और भू-माफियाओं को संरक्षण दिया जाता है। श्री बाहेती ने कड़े शब्दों में सचेत किया कि पिछले दिनों मनासा और रामपुरा में हुए कांग्रेस के सफल प्रदर्शनों, खिमला प्लांट आंदोलन और मनीष पोरवाल के पक्ष में खड़े जनसैलाब से डरे विधायक अब प्रशासन को ढाल बनाकर विपक्ष की आवाज दबाना चाहते हैं। आने वाले दिनों में मनासा की जमीनों के खेल और पनपते अपराधों को बहुत जल्द प्रमाणों के साथ सरकार और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक भेजा जा रहा है।
सत्ता के दबाव में जो अधिकारी आम और बेगुनाह लोगों पर दुर्भावनापूर्ण कार्रवाइयां कर रहे हैं, उनके कारनामों का भी शीघ्र ही खुलासा किया जाएगा। पत्रकार वार्ता के अंत में नेताओं ने कहा कि 29 मई को होने वाले विरोध प्रदर्शन को फिलहाल स्थगित कर आगे बढ़ाया जा रहा है, यह आंदोलन अब बड़े रूप में प्रदेश नेतृत्व की उपस्थिति में किया जाएगा जिसकी जल्दी तारीख तय कर मनासा विधानसभा क्षेत्र को शोषितों के न्याय और सत्ता के अहंकार के खिलाफ एक बड़े आंदोलन का प्रतीक बनाया जाएगा। इस पत्रकार वार्ता में ब्लॉक अध्यक्ष श्याम सोनी, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मनोरमा मूंदड़ा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रामप्रसाद कसेरा, पार्षद सत्यनारायण लक्षकार सहित क्षेत्र के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पदाधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित थे। जिला कांग्रेस का प्रशासन से सीधा सवाल सिर्फ नीमच में ही धारा 144 क्यों? "जिला कांग्रेस कमेटी ने नीमच जिला प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए सीधा सवाल पूछा है कि आखिर किस आधार और किस डर की वजह से पूरे जिले में अचानक धारा 144 लगाकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है? प्रशासन स्पष्ट करे कि इसके पीछे क्या ठोस कारण रहे हैं? क्या नीमच जिले में कोई बड़ा हादसा होने का डर था या फिर यह सिर्फ विपक्ष की आवाज को दबाने का एक कायरतापूर्ण बहाना है? जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने कहा कि हक़ीक़त यह है कि जिले में कांग्रेस के लगातार हो रहे आक्रामक आंदोलनों में आ रहे जनसैलाब और भाजपा के नेताओं की क्रियाकलापों के विरोध में उठ रही आवाज़ से भाजपा के जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन में भारी खौफ और डर का माहौल है। सत्ता पक्ष में विपक्ष के विरोध को सहन करने की हिम्मत नहीं बची है। इसी बौखलाहट और डर के कारण पूरे मध्य प्रदेश को छोड़कर, सिर्फ नीमच जिले में यह दमनकारी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई थोपी गई है। भाजपा नेताओं द्वारा प्रशासन पर अनैतिक दबाव बनाकर इस कार्रवाई को घोषित करवाया गया है ताकि इसकी आड़ में जनता और विपक्ष के हक की आवाज को कुचला जा सके, लेकिन कांग्रेस इस तानाशाही के आगे झुकने वाली नहीं है।"