पूर्व जनपद अध्यक्ष सत्यनारायण पाटीदार ने नपाध्यक्ष की अकर्मण्यता और विधायक सखलेचा की घोर अनदेखी को ठहराया जिम्मेदार।
जावद। जावद शहर इन दिनों भीषण गंदगी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण नरकीय दौर से गुजर रहा है। नगर के बाहर की ओर बहने वाला प्रमुख नाला अब पूरी तरह कचरे के डंपिंग यार्ड में बदल चुका है। रामपुरा दरवाजा, बस स्टैंड और खोर दरवाजा होते हुए पूरे जावद नगर को कवर करने वाले इस मुख्य नाले में पानी पूरी तरह सड़ चुका है। प्लास्टिक, थर्माकोल और पॉलीथिन के कारण नाले का बहाव रुक गया है, जिससे यह मच्छरों और जानलेवा बीमारियों का केंद्र बन चुका है। इस भीषण बदबू के कारण स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल हो गया है। नपाध्यक्ष की सुस्त कार्यप्रणाली और अकर्मण्यता से हालात बदतर :- जावद विधानसभा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व जनपद अध्यक्ष सत्यनारायण पाटीदार ने इस दुर्दशा पर गहरा आक्रोश जताते हुए सीधे तौर पर जावद नगरपालिका अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं। पाटीदार ने आरोप लगाते हुए कहा "जावद नगरपालिका अध्यक्ष की सुस्त कार्यप्रणाली और घोर अकर्मण्यता के कारण आज नगरपालिका क्षेत्र में हालात बद से बदतर हो चुके हैं। स्वच्छता अभियान के नाम पर सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं। जनता टैक्स भर रही है, लेकिन बदले में उसे सिर्फ बदबू, कीचड़ और बीमारियां मिल रही हैं। नपाध्यक्ष की लापरवाही के कारण पूरा प्रशासनिक अमला पंगु हो चुका है और जनसमस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है।" कुओं में रिस रहा है गंदा पानी स्थानीय नागरिकों के अनुसार, नाले के पूरी तरह सड़ जाने के कारण इसके आसपास स्थित कुओं में नाले के गंदे पानी का रिसाव (सीपेज) तेजी से हो रहा है। इसके चलते कुओं का साफ पानी अब पूरी तरह दूषित और बदबूदार हो चुका है। फैल सकती है गंभीर बीमारी कुओं का पानी खराब होने से क्षेत्र में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। दूषित पानी के उपयोग से नगर की जनता के बीच गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो पूरी जनता किसी महामारी की भेंट चढ़ सकती है। जावद गंदे नाले के रिसाव से कुओं का पानी हुआ दूषित, मंडराया महामारी का खतरा नगर के बीच से गुजरने वाला मुख्य नाला इस समय स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। रामपुरा दरवाजा, बस स्टैंड और खोर दरवाजा होते हुए पूरे जावद नगर को कवर करने वाला यह मुख्य नाला पूरी तरह सड़ चुका है। नाले की सफाई न होने और देखरेख के अभाव में स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। कांग्रेस नेता सत्यनारायण पाटीदार ने जताई चिंता प्रशासनिक लापरवाही का आरोप :- कांग्रेस नेता सत्यनारायण पाटीदार ने इस गंभीर समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त की है।जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़: उन्होंने बताया कि मुख्य नाला पूरी तरह सड़ चुका है और इसका गंदा पानी आसपास के कुओं में रिस रहा है। विधायक ओमप्रकाश सखलेचा की घोर अनदेखी से जनता में भारी आक्रोश :- कांग्रेस नेता सत्यनारायण पाटीदार ने क्षेत्र के विधायक ओमप्रकाश सखलेचा को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि विधायक की घोर अनदेखी के कारण आज जावद शहर सहित पूरी विधानसभा विकास की दौड़ में पिछड़ चुकी है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा: • विधानसभा से दूरी: विधायक सखलेचा को जावद और पूरी विधानसभा की जनता की मूलभूत समस्याओं से कोई सरोकार नहीं रह गया है। • विकास के दावे खोखले: बड़े-बड़े मंचों से विकास के लंबे-चौड़े दावे करने वाले विधायक को धरातल पर बह रहा यह गंदा नाला और जनता की तकलीफें दिखाई नहीं देतीं। • बजट का बंदरबांट: स्वच्छता और विकास के नाम पर आने वाले बजट का सिर्फ बंदरबांट हो रहा है, जबकि धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। *उग्र आंदोलन की चेतावनी: "जनता के हक की लड़ाई सड़कों पर लड़ेंगे"* पूर्व जनपद अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि बारिश का मौसम सिर पर है। पाटीदार ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही नाले की सफाई और मरम्मत नहीं कराई, तो जनता के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन किया जाएगा! अगर नगरपालिका प्रशासन और स्थानीय विधायक ने अपनी कुंभकर्णी नींद त्यागकर इस प्रमुख नाले की युद्धस्तर पर सफाई और शुद्धीकरण का कार्य शुरू नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेगी। उन्होंने साफ किया कि नगर परिषद के घेराव और उग्र आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी पूरी तरह नगरपालिका अध्यक्ष और स्थानीय प्रशासन की होगी।