मंदसौर । संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में संभाग के सभी कलेक्टर को निर्देश दिए कि राजस्व के प्रकरणों को समय सीमा में पूर्ण करने के लिए अधीनस्थ कार्यालयों का लगातार निरीक्षण करे और लोक सेवा गारंटी के आवेदनों पर समय सीमा में काम नहीं होने पर संबंधित अधिकारी पर पेनाल्टी लगाए।
सीमांकन, बंटवारा, नामांतरण बीके अविवादित प्रकरणों की पेंडेंसी एक माह में खत्म करे। नामांतरण, सीमांकन के प्रकरणों में निचले अमले की कार्रवाई पर भी निगाह रखे। बिना कारण सीमांकन प्रकरण रद्द नहीं हो। मंदसौर, उज्जैन,देवास, रतलाम,शाजापुर,आगर मालवा, नीमच, के कलेक्टर ने गेहूं खरीदी, वरदान उपलब्धता, गेहूं का परिवहन की जानकारी भी दी। स्वास्थ विभाग की समीक्षा के दौरान गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीयन की स्थिति की जानकारी ली और कहा की जिलों में गर्भवती महिलाओं का अनिवार्य पंजीयन हो और सभी आवश्यक जानकारी, आयरन गोली,टीकाकरण और लगातार उनके स्वास्थ की जानकारी भी आघतन रहे। संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की पूरी तरह ट्रेकिंग हो और समय समय उनको जानकारी भी दी जाए,
जिससे उनको पोषण आहार भी मिलता रहे, सभी प्रसव अस्पताल में हो इससे बच्चों के स्वास्थ पर भी निगाह रखी जा सकेगी और उनकी बेहतर देखभाल भी होगी। मंदसौर कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने बताया कि जिले में जन्म के 24 घंटे बच्चों को मां के साथ रखा जा रहा है जिससे जन्म के बाद तत्काल मां का दूध मिल सके और उनका बेहतर विकास हो, इससे बच्चों में कुपोषण दर कम हुई है और मृत्यु दर में भी कमी आई है। देवास कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने बताया की देवास में बच्ची के जनम के समय सभी सुरक्षा इंतजाम के साथ स्वच्छता का प्रोटोकॉल भी अपनाया गया है। इससे बच्चों में इन्फेक्शन से बचाव हुआ है। कमिश्नर श्री सिंह ने उक्त दोनों बिंदुओं को सभी जिलों को अध्ययन कर जिलों में करने के लिय बोला है। इसके साथ ही हाई रिस्क वाले चिह्नित ग्रामों में टीबी की जांच पुनः एक बार करवाने कें लिए शिविर लगाने को कहा है। संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह ने सभी जिलों में बच्चों में कुपोषण की कमी लाने के लिए आंगनवाड़ी में पंजीयन अनिवार्य रूप से करवाने और उनको पोषण आहार देने के लिए जन सहयोग से मदद करने का भी पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा सकता है।
संभाग में नवजात बच्चों को सही तरीके से फीडिंग सिखाने विशेष प्रशिक्षण अभियान चलेगा। संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह है महिला बाल विकास की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए की बच्चों को मां के दूध और ऊपरी दूध की फीडिंग के लिए बेहतर तरीके सीखने हेतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। यह मास्टर ट्रेनर अपने जिलों में अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फीडिंग के संबंध में प्रशिक्षण देंगी ,मास्टर ट्रेनर बनाने के लिए उज्जैन जिले में उज्जैन, शाजापुर ,देवास और आगर मालवा जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इसी प्रकार रतलाम में भी इसी प्रकार का प्रशिक्षण आयोजित होगा जिसमें रतलाम ,मंदसौर और नीमच की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा यह मास्टर ट्रेनर अपने जिलों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नवजात बच्चों को फीडिंग के संबंध में विशेष प्रशिक्षण देंगी।