अंग्रेजी तारीख 10 अप्रैल 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक। अष्टमी तिथि रात्रि 11 बजकर 15 मिनट तक उपरांत नवमी तिथि का आरंभ। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र प्रातः 11 बजकर 28 मिनट तक उपरांत उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का आरंभ। शिव योग सायं 06 बजकर 31 मिनट तक उपरांत सिद्ध योग का आरंभ। बालव करण प्रातः 10 बजकर 21 मिनट तक उपरांत कौलव करण का आरंभ। चंद्रमा सायं 06 बजकर 04 मिनट तक धनु राशि पर उपरांत मकर राशि पर संचार करेगा।
महत्वपूर्ण विवरण तिथि:-
कृष्ण अष्टमी – रात्रि 11:15 बजे तक, फिर नवमी योग शिव – सायं 06:31 बजे तक,
फिर सिद्ध करण बालव – प्रातः 10:21 बजे तक
करण कौलव – रात्रि 11:15 बजे तक सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय प्रातः 06:01 बजे
सूर्यास्त का समय सायं 06:44 बजे चंद्रोदय का समय रात्रि 02:10 बजे (11 अप्रैल) चंद्रास्त का समय प्रातः 11:35 बजे
आज के व्रत त्योहार अष्टमी
आज का शुभ मुहूर्त 10 अप्रैल 2026 :
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक
अमृत काल प्रात 06 बजकर 08 मिनट से 07 बजकर 54 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 33 मिनट से 5 बजकर 17 मिनट तक
आज का अशुभ मुहूर्त 10 अप्रैल 2026 सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक
राहुकाल रहेगा। सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर 03:30 से 04:30 बजे तक
यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह 08 बजकर 33 मिनट से 09 बजकर 24 मिनट तक।
आज का नक्षत्र आज चंद्रदेव उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र: प्रातः 11:28 बजे से अगले दिन तक नक्षत्र स्वामी: सूर्यदेव राशि स्वामी: बृहस्पतिदेव और शनिदेव देवता: विश्वेदेव (विजय और धर्म के देवता) प्रतीक: हाथी का दांत या छोटा पलंग सामान्य विशेषताएं: मेहनती, धैर्यवान, अनुशासित, प्रभावशाली व्यक्तित्व, दयालु, नेक दिल, विश्वसनीय, बुद्धिमान, मिलनसार और काम के प्रति समर्पित। आज का उपाय :- आज मां लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें सफेद पुष्प अर्पित करें। शुक्रवार के दिन जरूरत मंदों को सफेद मिठाई खिलाना जीवन के संचालन में सुख-समृद्धि लाता है।