आज 07 अप्रैल 2026, मंगलवार को वैशाख कृष्ण पंचमी तिथि का शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन ज्येष्ठा नक्षत्र और व्यतिपात योग भी रहेगा। सूर्य उत्तरायण और वसंत ऋतु का प्रभाव रहेगा।अंग्रेजी तारीख 7 अप्रैल 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक।
पंचमी तिथि सायं 04 बजकर 34 मिनट तक उपरांत षष्ठी तिथि का आरंभ। ज्येष्ठा नक्षत्र प्रातः 05 बजकर 54 मिनट (8 अप्रैल) तक उपरांत मूल नक्षत्र का आरंभ। व्यतिपात योग सायं 04 बजकर 17 मिनट तक उपरांत वरियान योग का आरंभ। तैतिल करण सायं 04 बजकर 34 मिनट तक उपरांत गरज करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात वृश्चिक राशि पर संचार करेगा।
महत्वपूर्ण विवरण :-
तिथि कृष्ण पंचमी- सायं 04:34 बजे तक, फिर षष्ठी योग व्यतिपात- सायं 04:17 बजे तक, फिर वरियान करण तैतिल- सायं 04:34 बजे तक करण गरज- प्रातः 05:48 बजे (8 अप्रैल) तक
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति :-
सूर्योदय का समय
प्रातः 06:05 बजे
सूर्यास्त का समय
सायं 06:42 बजे
चंद्रोदय का समय
रात्रि 11:50 बजे
चंद्रास्त का समय
प्रातः 08:56 बजे
आज के व्रत त्योहार :- पंचमी
आज का शुभ मुहूर्त :-
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक। अमृत काल रात्रि 08 बजकर 01 मिनट से 09 बजकर 49 मिनट तक। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 37 मिनट से 5 बजकर 21 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त :-
दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक राहुकाल रहेगा। दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक गुलिक काल रहेगा। सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह 08 बजकर 35 मिनट से 09 बजकर 26 मिनट तक।
आज का नक्षत्र :-
आज चंद्रदेव ज्येष्ठा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। ज्येष्ठा नक्षत्र : प्रातः 05:54 बजे (8 अप्रैल) तक स्थान : 16°40’ वृश्चिक राशि से 30°00’ वृश्चिक राशि तक
नक्षत्र स्वामी : बुधदेव
राशि स्वामी : मंगलदेव
देवता : इंद्र (देवताओं के राजा)
प्रतीक : कुंडल, छाता या ताबीज
सामान्य विशेषताएं :-
बुद्धिमान, चतुर योजनाकार, साहसी, व्यावहारिक, तार्किक, दार्शनिक, हाजिरजवाब, स्वाभिमानी और संकट में माहिर।
आज का उपाय :-
आज हनुमान जी के मंदिर में चोला चढ़ाएं और सुंदरकांड का पाठ करें। मंगलवार के दिन गुड़ का दान करना जीवन के संचालन में आने वाली बाधाओं को दूर करता है।