नीमच। जिले के मनासा तहसील में एक ऐसा चमत्कारी मंदिर है जहां पर आज तक भक्तों को निराश नहीं मिली दिन में तीन रूप बदलने वाली देवी के मंदिर में भक्त भी मंशापूर्ण होने पर कोई लोटन यात्रा कर पहुंचता है तो कोई भक्त माता को अपनी मुख की जीभ अर्पित कर देता है और देवी मां भी इतनी दयालु है कि भक्त की मुख जीभमात्र नौ दिनों में वापस लौटा देती है। जी हां, ये मंदिर है मनासा तहसील के महज 27 किलोमीटर दूर आंतरि बुजुर्ग गांव के बाहर रेतम नदी के तट पर जो आंतरि माता के नाम से जाना जाता है श्रद्धालु मन्नत मांगते हैं मन्नत पूरी होने पर जीभ चढ़ाते हैं इसमें नारी शक्ति भी पीछे नहीं है
हर साल करीब 16-17 महिलाएं देवी को जीभ चढ़ती है 101 साल में करीब 1616 महिला माता के मंदिर में जीभचढ़ा चुकी है। विक्रम संवत 1327 में तत्कालीन रामपुर स्टेट के राव सेवा खीमा जी द्वारा 7333 रुपए की लागत से मंदिर का निर्माण करवाया था। इतिहासकार डॉ. पूरण सहगल ने चारण की बेटी पुस्तक में लिखा था कि आंतरी माता का मंदिर करीब 700 साल से भी ज्यादा पुराना है। जगत जननी जगदम्बा दक्षिण दिशा से नदी के हनुमान घाट से मंदिर में आकर विराजमान हुई। आज भी हनुमान घाट के पत्थर पर मां के पैरों के पद चिन्ह अंकित है। माता का मंदिर वर्तमान में ट्रस्ट में, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था नहीं स्थानीय आंतरी बुजुर्ग भूतपूर्व सैनिक विनोद माली ने जानकारी देते हुए बताया है कि वर्तमान में आंतरी माता का मंदिर ट्रस्ट के सुपुर्द कर दिया गया है। ओर वर्तमान में माता के मंदिर में भक्तों का तांता लग रहा है लेकिन यहां पर प्रशासनिक कोई व्यवस्था नहीं है कोई सैनिक भी यहां पर तैनात नहीं है। जानकारी देते हुए बताया गया कि मंदिर ट्रस्ट में गया लेकिन ट्रस्ट का अध्यक्ष कौन है किसके ऊपर मंदिर की जवाबदारी है इससे सब परे है। मंदिर के आसपास भरा जल आंतरी माता के मंदिर के चारों दिशाओं में रेतम नदी का जलस्तर भरा हुआ है जो श्रद्धालुओं के लिए नौकाविहार का आनंद स्वरूप है। मंदिर के पास मौजूद स्टिंबर में श्रद्धालु घूमकर नौकाविहार का आनंद उठाते है।
वहीं मंदिर के आसपास भरा यह जल माता के मंदिर की शोभा ओर दोगुनी बड़ा देता है। व्यवस्थाओं में केवल खानापूर्ति, श्रद्धालु नहीं रुक सकते रात - माता के मंदिर पर लगभग एक सप्ताह में हजारों से अधिक श्रद्धालु पहुंचते है लेकिन उनके अपने खाने पीने से लेकर रात का इंतजाम भी स्वयं को करना होता है। माता के मंदिर समिति द्वारा यहां पर श्रद्धालुओं के रुकने के लिए अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है इस ओर भी जिला प्रशासन को ध्यान आकर्षित करना चाहिए। मंकर संक्रांति पर लगता है विशाल मेला विश्व विख्यात दैवीय स्थल माँ आंतरी की पावन धरा पर प्रतिवर्ष ग्राम पंचायत आंतरी बुजुर्ग ओर जनपद पंचायत मनासा के तत्वाधान में विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। मेला 5 दिवसीय लगता है जिसमें रेट, चकरी, टी स्टाल सहित खिलौने की दुकानों का भूखंड वितरित किया जाता है।
मेले में आर्केस्ट्रा, कवि सम्मेलन सहित भजन संध्या का आयोजन भी जनपद पंचायत के तत्वाधान में किया जाता है।