मंदसौर । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. चौहान द्वारा बताया गया कि जिला चिकित्सालय मंदसौर के रक्त केन्द्र द्वारा चिकित्सकों हेतु “रक्त एवं रक्त अवयवों के युक्तिसंगत उपयोग” विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मरीजों में रक्त के सुरक्षित, आवश्यक एवं वैज्ञानिक उपयोग को बढ़ावा देना तथा अनावश्यक रक्ताधान को रोकना है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी की सहायक संचालक श्रीमती मोनल सिंह जाट एवं लक्ष्मीनारायण पांडे, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रतलाम के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रीतेश गुर्जर उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय मंदसौर की अधिष्ठाता डॉ. शशी गांधी, सिविल सर्जन डॉ. बी. एल. रावत, IMA मंदसौर के अध्यक्ष डॉ. सुरेश पमनानी एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कमला जैन उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य वक्ता डॉ. रीतेश गुर्जर द्वारा बताया गया कि रक्त एक बहुमूल्य एवं सीमित संसाधन है, इसलिए इसका उपयोग केवल स्पष्ट चिकित्सीय आवश्यकता होने पर ही किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण रक्त की बजाय आवश्यकतानुसार रक्त अवयव (जैसे पैक्ड आरबीसी, प्लेटलेट्स एवं प्लाज़्मा) देने से मरीज को बेहतर लाभ मिलता है तथा अनावश्यक जटिलताओं का खतरा कम होता है। उन्होंने राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के पालन, उचित संकेतों, रक्ताधान पूर्व जाँच तथा मरीज की क्लिनिकल स्थिति के अनुसार ही रक्ताधान करने पर विशेष जोर दिया, जिससे मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और रक्त अधिक जरूरतमंद मरीजों तक पहुंच सके। कार्यक्रम में डॉ. सुरेश जैन, डॉ. एस. एस. वर्मा, डॉ. के. सी. श्रीमाल, डॉ. अनिल पामेचा, डॉ. सुनीलकांत गुलेरी, डॉ. कार्तिक सांवले, डॉ. हर्षुल पाटीदार, डॉ. रिंकू भगोरा, डॉ. वैभव जैन, डॉ. दीपक आसवानी, डॉ. दिव्यांशी गौर, डॉ. दीपक मकवाना, डॉ. सोमित्र सेठिया, डॉ. श्रुति सेठिया, डॉ. संजय रावत, डॉ. राकेश दरबार एवं डॉ. अभिनव पारीख, डॉ. लवी उकावत सहित जिला चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज एवं निजी अस्पतालों के अनेक चिकित्सकों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण में रक्त के सुरक्षित एवं आवश्यक उपयोग, विभिन्न रक्त अवयवों के उचित उपयोग, राष्ट्रीय रक्त नीति के पालन तथा मरीज सुरक्षा से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. हिमांशु यजुर्वेदी द्वारा किया गया। अंत में आभार डॉ. सौरभ मंडवारिया, पैथोलॉजिस्ट, जिला चिकित्सालय मंदसौर द्वारा व्यक्त किया गया। इस प्रशिक्षण से चिकित्सकों को रक्त के वैज्ञानिक एवं जिम्मेदार उपयोग की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, जिससे भविष्य में मरीजों को अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।