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संरक्षित वन्यजीवों के अंगों की तस्करी करते दो आरोपी गिरफ्तार, 28 फरवरी तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए

Neemuch headlines February 18, 2026, 6:29 pm Technology

मंदसौर । वन संरक्षक, उज्जैन वन वृत्त तथा वनमण्डलाधिकारी, मंदसौर के मार्गदर्शन एवं उप वनमंडलाधिकारी, गरोठ तथा वन परिक्षेत्राधिकारी, मंदसौर के निर्देशन में वनमंडल मंदसौर अंतर्गत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 3832/14 में वन विभाग द्वारा वन्यजीव तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बीट बरदल क्षेत्र में रेवास देवड़ा धुंधलेश्वर महादेव शिवरात्रि मेले के दौरान वन विभाग की टीम ने दबिश देकर संरक्षित प्रजाति के वन्यजीवों के अवशेष बरामद किए। जब्ती में मॉनिटर लिजार्ड (गोह) के अंग (हत्थाजोड़ी नग 10), हेजहॉग (सेही प्रजाति) तथा अन्य वन्यजीवों के अवशेष एवं अंग शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान उक्त अवैध कृत्य में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल भी जप्त की गई हैं। संबंधित प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत संरक्षित श्रेणी में आती हैं। इनके अवैध शिकार एवं तस्करी पर 3 से 7 वर्ष तक का कारावास तथा न्यूनतम ₹25,000 के दंड का प्रावधान है। गिरफ्तार आरोपी: सरमन पिता अमरसिंह पारदी, उम्र 57 वर्ष, निवासी अरनिया निजामुद्दीन, जिला मंदसौर (म.प्र.), जुगतारसिंह पिता केमसिंह पारदी, उम्र 39 वर्ष, निवासी डिगांव खुर्द (हाल मुकाम अरनिया निजामुद्दीन), जिला मंदसौर (म.प्र.)। दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां माननीय न्यायिक दंडाधिकारी महोदय, प्रथम श्रेणी न्यायालय मंदसौर द्वारा उन्हें दिनांक 28 फरवरी 2026 तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। प्रकरण में विवेचना जारी है। उक्त कार्रवाई में सोनू नागदा (स्टेनो), पुष्कर मालवीय (कार्यवाहक उप वनक्षेत्रपाल), नरेंद्र मालवीय (वनरक्षक), जितेंद्रसिंह पंवार (वनरक्षक) एवं मयूरराज सिंह चौहान (वनरक्षक), श्रीमती किरणसिंह राठौड़ (वनरक्षक) का सराहनीय योगदान रहा।

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