मंदसौर । प्रदेश की राष्ट्रीय सेवा योजना युक्त संस्थाओं/शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक दायित्वों के निर्वहन एवं संगठनात्मक कौशल विकसित करने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा राज्य स्तरीय नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 8 मार्च से सतना जिले के चित्रकूट में आयोजित किया जाएगा। प्रदेश में शिविर की तैयारियां भी प्रारंभ कर दी गई हैं। इस संबंध में सभी संबंधित रासेयो युक्त विश्वविद्यालयों के कुलसचिव, कार्यक्रम समन्वयकों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग श्री अनुपम राजन ने बताया कि उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना का राज्य स्तरीय नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर चित्रकूट जिला सतना में लगाया जाएगा। यह 8 मार्च से प्रारंभ होकर 14 मार्च तक चलेगा। इस संबंध में विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को विद्यार्थियों के पंजीयन के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं। शिविर प्रदेश के युवाओं को नेतृत्व विकास, सामाजिक सहभागिता और संगठनात्मक कौशल के प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा। साथ ही विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा। प्रदेश से लगभग 600 स्वंयसेवक (विद्यार्थी) एवं अधिकारी होंगे शिविर में शामिल 8 मार्च से 14 मार्च तक आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से प्रदेश भर से लगभग 600 स्वंयसेवकों (विद्यार्थी) एवं अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। इसमें राष्ट्रीय सेवा योजना युक्त अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर, जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर, छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, छतरपुर, रानी दुर्गावति विश्वविद्यालय, जबलपुर एवं विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के विद्यार्थियों के साथ-साथ इंटरमीडिएट स्तर के रासेयो स्वयं सेवकों के लिए प्रत्येक जिले से एक अतिरिक्त स्वयं सेवक का भी चयन किया जाएगा। प्रभारी राज्य एनएसएस अधिकारी श्री मनोज कुमार अग्निहोत्री ने बताया कि राज्य स्तरीय नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर के लिए उन स्वयंसेवकों को चयन की प्राथमिकता दी जाएगी जो गीत, संगीत, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों सहित विभिन्न परियोजनाओं में दक्ष हों। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित स्वयं सेवक पूर्व में किसी भी राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में सहभागी न रहे हों तथा उनके पास संस्था स्तर के शिविर का अनुभव हो। इस संबंध में चयनित स्वयं सेवक को विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक को निर्धारित प्रारूप में प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक जिले का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हुए एक संस्था से केवल एक ही स्वयं सेवक का चयन किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक इकाइयों एवं संस्थाओं को सहभागिता का अवसर मिल सके। शिविर में विश्वविद्यालय स्तर से 3 राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी, 1 जिला संगठक तथा संबंधित विश्वविद्यालय क्षेत्र के कार्यक्रम समन्वयक शिविरार्थियों के साथ दल प्रभारी के रूप में शामिल होंगे।