नीमच । जिले के शतप्रतिशत पशुपालकों के के.सी.सी.बनाने के लिए उनके प्रकरण तैयार करवाकर उन्हें के.सी.सी. जारी करवाए जाएगें। इसके लिए जिले में एक मार्च से 30 अप्रेल तक विशेष के.सी.सी.अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत कोई भी पशुपालक के.सी.सी.के लाभ वंचित नही रहे। नीमच, जावद, मनासा विकासखण्ड में उक्त अवधि में न्यूनतम तीन-तीन हजार के.सी.सी.जारी करवाने का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने पशुपालन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की सोमवार को मासिक समीक्षा बैठक में पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए, कि वे एक मार्च से विभागीय मैदानी अमलें के माध्यम से अभियान चलाकर शतप्रतिशत पशुपालकों के के.सी.सी.प्रकरण तैयार कर केसीसी जारी करवाना सुनिश्चित करें।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, उप संचालक पशुपालन डॉ.राजेश पाटीदार, सभी विकासखण्ड स्तरीय पशु चिकित्सक, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर ने कहा, कि ग्रामीण समृद्ध में पशुपालन का अहम योगदान है और पशुपालकों को के.सी.सी. के माध्यम से ब्याज मुक्त ऋण सुविधा उपलब्ध कराकर ग्रामीण समृद्धि पशुपालकों की समृद्धि में सहजता से सहयोग किया जा सकता है। अत: पशुपालन विभाग का सम्पूर्ण अमला सभी पशुपालकों को के.सी.सी.ऋण सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दे। बैठक में कलेक्टर ने सेक्टरवार कृत्रिम गर्भाधान कार्य और एम.एफ.डी. टीकाकरण कार्य की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और न्यूनतम प्रगति वाले ए.वी.एफ.ओ.को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही 15 फरवरी तक एफ.एम.डी.टीकाकरण कार्य और कृत्रिम गर्भाधान कार्य की शतप्रतिशत लक्ष्यपूर्ति नहीं करने पर संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित आचार्य विद्यासागर योजना, डेयरी प्लस योजना, बैकयार्ड योजना, बकरी पालन योजना की प्रगति की समीक्षा की और 15 फरवरी के पूर्व उक्त सभी योजनाओं में शतप्रतिशत लक्ष्य अनुरूप स्वीकृति एवं ऋण वितरण सुनिश्चित करवाने के निर्देश भी उप संचालक पशुपालन को दिए। कलेक्टर ने जिले में पदस्थ मैत्री कार्यकर्ताओं का युक्तियुक्तकरण करने और जहां मैत्री कार्यकर्ता नहीं है, वहां मैत्री की वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश उप संचालक पशुपालन को दिए। उन्होने कार्य नहीं करने वाले मैत्री कार्यकर्ताओं को पद से पृथक कर उनके स्थान पर नये मैत्री कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिलाकर पदस्थ करने का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में डॉ.ए.आर.धाकड, डॉ.मीनल पाटनी, डॉ.आशीष शर्मा, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण अमित नार्गेश, एसडीओ फारेस्ट दशरथ अखण्ड, सीएमओ सुश्री दुर्गा बामनिया भी उपस्थित थी।