गोपालदास बैरागी कुकडेश्वर। नगर के जाने-माने कंगन व्यवसायी और धार्मिक कार्यों में बढ़कर भाग लेने वाले किशन लक्षकार का लम्बी बीमारी के बाद 42 वर्ष की आयु में 4 अप्रेल को दोपहर दुखद स्वर्गवास हो गया। किशन लक्षकार हंसमुख, मिलनसार, सेवाभावी व्यक्तित थे, जो हर धार्मिक कार्यक्रमों बढ़-चढ़कर भाग लेकर उसे सफल बनाते थे। वह विगत एक वर्ष से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे जिसका उपचार अहमदाबाद में चल रहा था पर 4 अप्रेल को दोपहर में उनके दुखद निधन का समाचार से संपूर्ण नगर में शोक की लहर छा गई। स्व. किशन लक्षकार स्व.प्रभुलाल जी के सुपुत्र मुकेश के छोटे भाई तथा आशु, हिमांशु के काका थे। गमगीन माहौल में सायं 5 बजे मालवीय मंदिर के पास स्थित निवास से अंतिम यात्रा निकाली गई, जो सार्वजनिक मुक्तिधाम आमद रोड पर पहुंची जहां गणमान्य लोगों, समाज बंधुओ ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुक्तिधाम पर परिजनों ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की क्रिया को पूर्ण किया।