नीमच। मौजूदा समय में किराएदार और दूकान मकान मालिक के बीच जमीनों की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर तनावपूर्ण रिश्ते अक्सर नजर आते हैं, पर एक उदाहरण आज नीमच में इसके विपरीत भी नजर आया, जिसकी लोगों में चर्चा बनी है। शहर की सामाजिक संस्था भारत विकास परिशद की भूमिका भी इस मामले में महत्वपूर्ण बनी है। यह हस्तांतरण बगैर किसी लेन-देन के हुआ है, जो चौंकाता नजर आता है। शहर के रोडवेज बस स्टेण्ड के सामने प्रभु कृपा प्लायवुड नाम से एक संस्थान है। यह जगह लगभग 1 हजार स्क्वायर फीट होकर बेशकीमती है।
कोई 60-70 साल पहले भूमि मालिक कृश्णकुमार गोयल के पूर्वजों ने यह जगह किराए पर मात्र 5-10 रूपए मासिक में दी थी। आज अचानक किराएदार को यह जगह खाली करके मूल मालिक को सौंपने का भाव जगा और दूकान किराएदार आशीश जायसवाल ने अपने भारत विकास परिशद के संगी-साथियों को बुलाकर इस जगह की चाबी दूकान मालिक कृश्णकुमार गोयल को सौंप दी। उनके इस निर्णय से उनके संगी-साथी भी और दूकान मालिक भी हतप्रभ नजर आए। यह जगह 1 हजार फीट से भी ज्यादा की होकर बेशकीमती है। इस दौर में ऐसा भी हो सकता है। तभी दूकान मालिक ने इसे समारोहपूर्वक चाबी ग्रहण करने का काम किया। इस मौके पर भारत विकास परिशद के अध्यक्ष मनीश कालानी, विनय मारू, प्रवीण अरोन्देकर, मनीश विजयवर्गीय, कन्हैया सिंहल, गौरव गट्टानी सहित बडी संख्या में लोग मौजूद थे। दूकान मालिक और किराएदार का भारत विकास परिशद ने इस अनूठी पहल के लिए स्वागत किया है।