फर्जी एनकाउंटर का मामला SDOP ग्लैडविन और नीमच का चर्चित हेड कांस्टेबल नीरज प्रधान गिरफ्तार, कई पुलिस अधिकारी भी जांच के घेरे में

Neemuch headlines April 2, 2025, 8:17 pm Technology

नीमच। सीबीआई की स्पेशल टीम ने फेक एनकाउंटर केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीओपी ग्लैडविन कर और प्रआ. नीरज प्रधान को गिरफ्तार किया है। दोनों पुलिसकर्मियों को इंदौर से हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सीबीआई ने कार्यवाही के दौरान वर्तमान में पन्ना जिले के गुनुर में एसडीओपी पद पर तैनात ग्लैडविन कर सहित सीबीआई ने पहले दोनों पुलिसकर्मियों को इंदौर बुलाया और फिर गिरफ्तार कर लिया।

अब उनसे पूछताछ की जा रही है कि, इस फर्जी एनकाउंटर के पीछे किसका हाथ था और आखिर मारा गया युवक कौन था।

पूरे मामले पर एक नजर... :-

दरअसल फर्जी एनकाउंटर से जुड़ा यह पूरा बहुचर्चित मामला साल 2009 का नीमच का है, जब पुलिस ने कथित तौर पर स्मगलर बंसी गुर्जर का फेक एनकाउंटर कर दिया था। लेकिन इस मामले ने नया मोड़ तब ले लिया, जब 2012 में पुलिस ने बंसी गुर्जर को जिंदा गिरफ्तार कर लिया। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, सवाल उठने लगे कि एनकाउंटर में मारा गया

व्यक्ति आखिर था कौन...?

इस मामले की सीबीआई जांच के लिए 2015-16 में नीमच के दो लोगों ने इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की और अब एसडीओपी ग्लैडविन कर (जो घटना के समय नीमच टीआई थे) और प्रआ. नीरज प्रधान (जो तब कॉन्स्टेबल थे) को गिरफ्तार किया गया है।

क्या यह अधिकारी भी जांच के घेरे में...! :-

बताया जा रहा है कि, इस मामले में कई अधिकारी जांच के घेरे में होने के साथ ही रडार में हैं। इसमें तत्कालीन एसपी वेदप्रकाश शर्मा, जो रिटायर हो गए हैं, और अभी बाबा रामदेव की कंपनी का काम देखते हैं। उनके साथ ही अनिल पाटीदार, जो अभी बड़वानी के एडिशनल एसपी है, विवेक गुप्ता, जो पीथमपुर सीएसपी है, और उस समय एसआई थे, मुख्तयार कुरैशी, एसीपी भोपाल, जो उस समय एसआई थे, इन सभी से भी पूछताछ की जा सकती है, और कहीं न कहीं ये सभी जांच के घेरे में भी हैं।

बिन्दुवार देखें पूरी जानकारी :-

1यह गिरफ्तारी 2009 में हुए फेक एनकाउंटर केस से जुड़ी है, जिसमें पुलिस ने कथित रूप से बंसी गुर्जर को मार गिराने का दावा किया था, लेकिन 2012 में वह जिंदा मिला।

2.गिरफ्तार पुलिस अधिकारी एसडीओपी एडविन कर और प्रआ. नीरज प्रधान हैं। घटना के समय एडविन कर नीमच टीआई और नीरज प्रधान, कॉन्स्टेबल थे।

3.इस फर्जी एनकाउंटर की सच्चाई सामने लाने के लिए 2015-16 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी, जिसके बाद जांच के आधार पर यह गिरफ्तारी हुई। जांच में यह सामने आया कि एनकाउंटर में मारा गया व्यक्ति बंसी गुर्जर नहीं था।

असली बंसी गुर्जर 2012 में पुलिस द्वारा जिंदा गिरफ्तार किया गया था। लेकिन मारे गए व्यक्ति की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।

सीबीआई की टीम गिरफ्तार :-

पुलिस अधिकारियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मारे गए व्यक्ति की पहचान क्या थी और इस पूरे फर्जी एनकाउंटर में और कौन-कौन शामिल था।

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