मंदसौर । मत्स्योद्योग सहायक संचालक ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू की गई "मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026" के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में मत्स्योद्योग विभाग, जिला पंचायत एवं नगरीय निकायों के चयनित जलाशयों के समुचित उपयोग को सुनिश्चित करने हेतु उद्यमी मॉडल के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। नीति के अंतर्गत निवेशकों एवं उद्यमियों को केज एक्वाकल्चर, एक्वापोनिक्स, इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग, ईको टूरिज्म तथा ग्रीन एनर्जी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही प्रदेश में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने एवं निजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंकेज के माध्यम से फिश हैचरी, आईस प्लांट, कोल्ड स्टोरेज, फिश प्रोसेसिंग यूनिट तथा विपणन अधोसंरचना के विकास हेतु सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना के अंतर्गत पात्र निवेशकों एवं उद्यमियों को बैंक ऋण सुविधा, ब्याज सबवेंशन तथा तकनीकी सहायता भी प्रदान की जाएगी। इच्छुक निवेशक एवं उद्यमी 30 जून 2026 तक कार्यालयीन दिवस एवं समय में विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना आवेदन संबंधित जिले के मत्स्योद्योग विभाग कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं। योजना संबंधी विस्तृत जानकारी जिला मत्स्योद्योग कार्यालय तथा विभाग की वेबसाइट mpfisheries.gov.in से प्राप्त की जा सकती है।