मंदसौर । प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत संचालित 100 दिवसीय आयुष्मान आरोग्य अभियान के तहत भानपुरा छतरी में आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक वर्ग, विशेषकर उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के निवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना एवं टीबी (क्षय रोग) जैसी गंभीर बीमारी की समय पर पहचान करना रहा। शिविर के दौरान टीबी जागरूकता अभियान अंतर्गत उपस्थित ग्रामीणों को टीबी शपथ दिलाई गई। ब्लॉक भानपुरा के टीबीएचवी श्री देवेंद्र तिवारी द्वारा ग्रामीणों को टीबी रोग के प्रति जागरूक करते हुए इसके प्रमुख लक्षणों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि लगातार कई दिनों तक खांसी आना, भूख न लगना, वजन में कमी होना, रात में पसीना आना तथा बुखार बने रहना टीबी के संभावित लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि टीबी एक पूरी तरह से उपचार योग्य बीमारी है और घबराने की आवश्यकता नहीं है। बलगम जांच में पॉजिटिव आने पर 6 माह तक नियमित उपचार से मरीज पूर्णतः स्वस्थ हो सकता है। साथ ही शासन द्वारा मरीजों को उपचार अवधि के दौरान प्रति माह 1000 रुपये की पोषण सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की जाती है। शिविर में आए नागरिकों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई। इसमें टीबी स्क्रीनिंग हेतु एक्स-रे के माध्यम से संदिग्ध एवं पूर्व उपचाररत मरीजों की जांच की गई। इसके अतिरिक्त हीमोग्लोबिन, रक्तचाप, रक्त शर्करा एवं बीएमआई सहित सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण भी किए गए।