दलपतपुरा, नायनखेडी और पीठ के जंगलों में भीषण आग, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा

भगत मांगरिया April 11, 2026, 9:07 pm Technology

चीताखेड़ा। जीरन तहसील अंतर्गत ग्राम दलपतपुर, नायनखेडी और पीठ के जंगलों में अज्ञात कारणों से भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते जंगल का सैकड़ों हेक्टेयर का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। भीषण आग लगने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने खुद ही पेड़ों की टहनियों एवं किसानों ने खेतों में कृषि कार्य हेतु फसलों में किटनाशक दवाई छिडकाव करने के ट्रेक्टर और जुगाड के सहारे आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया और साथ ही वन विभाग व स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी दी। घटना की सूचना पर वन विभाग, स्थानीय पुलिस प्रशासन और वन संरक्षण समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड और पानी के टैंकर भी मौके पर पहुंचाए गए, लेकिन जंगल के अंदर रास्ता नहीं होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग तक नहीं पहुंच सकीं। ऐसे में ग्रामीणों ने पानी के टैंकर और स्थानीय किसानों ने खेतों में कृषि कार्य में उपयोगी जुगाड संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने की भरसक कोशिश की। वन विभाग के ईश्वर सिंह, गजेन्द्र सिंह के साथ किसान राजकुमार पाटीदार, प्रेमचंद, कनिष पाटीदार, बिट्टू पाटीदार, चैनराम पाटीदार, गोविंद पाटीदार, मनन पाटीदार, मेहूल पाटीदार, तनमय पाटीदार, पूजा पाटीदार सहित छोटे, बड़े, युवा,बच्चे और महिलाएं , पुरुषों ने सैकड़ों ग्रामीणों ने आसमान से बरस रही ऐसी भीषण गर्मी और सामने धधकती आग के ताप की परवाह किए बगैर आग बुझाने से लगे हुए रहे। ग्रामीणों का कहना है कि दलपतपुर के जंगलों में पिछले कई वर्षों से हर साल अप्रैल माह में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इस आग से जंगल में रहने वाले कई वन्य जीवों की जान चली जाती है और पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचता है। फिलहाल प्रशासन और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश जारी है। वहीं, बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

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