चीताखेड़ा। गौराणा लौहार समाज में क्षेत्र के प्रतिष्ठित जिला स्काउट संगठक (एएलटी) , हिमालय वुड बेच प्रशिक्षित रहे सेवानिवृत्त शिक्षक चंद्रसेन गौराणा (लौहार) का 76 वर्ष की आयु में शुक्रवार प्रातः आकस्मिक निधन हो गया। चंद्रसेन गौराणा हंसमुख, मिलनसार, मृदुभाषी, सौम्य, धार्मिक एवं सामाजिक व्यक्तित्व की परोपकारी व्यक्ति थे। वे गरीबों एवं असहायों की मदद हेतु स्वयं भी तत्पर रहते थे एवं परिजनों को भी प्रेरित करते थे। स्मरणीय है कि श्रीमान चंद्रसेन गौराणा ने शिक्षा विभाग में कई सम्मानित पदों पर रहकर कई सामाजिक कार्यक्रमों में अग्रणी भूमिका निभाई। स्वर्गीय भेरुलाल के सुपुत्र,अर्जुन लाल के छोटे भाई, स्वर्गीय कृष्ण चंद,स्वर्गीय भगवती लाल, गोपाल, दिनेश, उमेश के बड़े भ्राता तथा शिक्षक देवेंद्र, सीआरपीएफ फोजी केशव गौराणा के पूज्य पिताजी एवं राघव के पूज्य दादाजी चंद्रसेन गौराणा हनुमान जयंती पर रात्रि में निकली शोभायात्रा में देर रात तक भक्ति में लीन रहे। देर रात को घर आकर ऐसे सोए की फिर हमेशा के लिए चिरनिंद्रा में चले गए। शुक्रवार को सदर बाजार में स्थित निवास से निकली उनकी अंतिम यात्रा में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, समाजजनों, रिश्तेदारों एवं इष्टमित्रों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर उन्हें अंतिम विदाई दी। मुक्तिधाम पर आयोजित शोक सभा में कई गणमान्य उपस्थित महानुभावों ने श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। मरणोपरांत चंद्रसेन गौराणा के परिजनों ने ज्योति हिनों को ज्योति प्रदान करने का निर्णय लिया गया। रोटरी क्लब रोटे विजय जैन गोल्डन,रोटे मुकेश कालरा,रोटे सुरेश मोड़ी की प्रेरणा से रोटे राजेश जायसवाल,रोटे अनिल गोयल नेत्रदान सहयोग से सुनील शर्मा एवं संदीप गुजराती नेत्र उत्सारणकर्ता द्वारा गोमाबाई नेत्रालय से मौके पर टीम पहुंची जहां चंद्रसेन गौराणा की मरणोपरांत ज्योति प्रदान की गई।